ऑल इंडिया शिया पर्सनल लॉ बोर्ड के महासचिव मौलाना यासूब अब्बास ने गुलज़ारे शोहदा क़ब्रिस्तान ईरान में हुए आतंकवादी हमले की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए कहा कि ईरान के शहर किरमान में हुए दहशतगर्दाना हमले ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि कौन मज़लूम है और कौन ज़ालिम। मौलाना यासूब अब्बास ने कहा जिस तरह जनरल क़ासिम सुलेमानी और जनरल अबू मेहंदी अल मोहन्दिस को धोखे से शहीद किया गया था वैसे ही उनकी बरसी के मौक़े पर गुलज़ारे शोहदा क़ब्रिस्तान में दहशतगर्दाना हमला करके मासूम बेगुनाहों को शहीद किया गया यह दोनों हमले करने वाली कोई एक ही ताकत है जो इस्लाम विरोधी ताक़तों के इशारों पर काम कर रही है मौलाना ने इस हमले में शहीद होने वालों के परिवार वालों को ताज़ियत पेश करते हुए कहा कि शहीद हमेशा जिंदा रहता है और मज़लूमों की शहादत कभी ज़ाया नहीं जाती इंशाअल्लाह जल्द इमामे ज़माना का ज़हूर होगा और वह हर एक ज़ुल्म का इंतेक़ाम लेंगे मौलाना यासूब अब्बास ने कहा कि यह आतंकवादी हमले करके शियों को खौफ़ज़दा करना चाहते हैं मगर ये जान लें कि हर दौर में शियों ने अपनी शहादत पेश करके यह साबित किया है कि हम कभी ज़ुल्म के सामने नहीं झुकते बल्कि उसका सामना करते हैं और ये दर्स हमको कर्बला से मिला है।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शियों को खत्म करने की चल रही है साज़िश- मौलाना यासूब अब्बास





