23/5/2020
New Delhi : रूस से 5 अरब डॉलर की एस-400 मिसाइल प्रणाली खरीदने के कारण भारत पर अमेरिकी प्रतिबंधों की आशंका अभी भी बनी हुई है। भारत को प्रौद्योगिकियों और प्लेटफॉर्मों के लिए रणनीतिक प्रतिबद्धता देनी होगी। अक्तूबर 2018 में एस-400 वायु रक्षा मिसाइल प्रणाली की पांच इकाइयां खरीदने के लिए रूस के साथ पांच अरब डॉलर के सौदे पर हस्ताक्षर किये थे। अमेरिका ने चेतावनी दी थी कि अगर भारत इस सौदे पर आगे बढ़ेगा तो उसे ‘काउंटरिंग अमेरिकाज एडवरसरीज थ्रू सेंक्शंस एक्ट’ के तहत अमेरिकी प्रतिबंधों का सामना करना पड़ सकता है।
बहरहाल भारत ने मिसाइल प्रणाली के लिए पिछले साल रूस को तकरीबन 80 करोड़ डॉलर का पहला भुगतान किया था। एस-400 लंबी दूरी की सतह से हवा में मार करने वाली रूस की सबसे आधुनिक मिसाइल रक्षा प्रणाली है। दक्षिण और मध्य एशिया मामलों का प्रभार संभाल रहीं निवर्तमान प्रधान उप सहायक विदेश मंत्री एलिस वेल्स ने वॉशिंगटन डीसी स्थित एक थिंक टैंक से बुधवार (20 मई) को कहा – सीएएटीएसए संसद के लिए एक नीतिगत प्राथमिकता बनी हुई है जहां इसे लागू करने की आपने मजबूत मांग और सैन्य बिक्री से रूस को होने वाले आर्थिक फायदे को लेकर चिंता देखी है कि वह इसका इस्तेमाल पड़ोसी देशों की संप्रभुता को और भी कमतर करने के लिए कर सकता है।
सीएएटीएस एक कठोर कानून हैं। इसके तहत अमेरिका ने रूस पर पाबंदियां लगा रखी हैं। इस कानून के तहत उन देशों पर दंडात्मक कार्रवाई भी की जा सकती है जो रूस से रक्षा सामान खरीदते हैं। वेल्स ने भारत में अमेरिका के पूर्व राजदूत रिचर्ड वर्मा के एक सवाल पर कहा- सीएएटीएसए अभी भी मुद्दा है, यह विचार से हटा नहीं है। इसे रूसी कोण से देखने की बजाय, मैं समझती हूं कि ज्यादा अहम विमर्श यह होना चाहिये कि अब जब भारत उच्चतर स्तर की प्रौद्योगिकीय प्रणालियां अपनाने की तरफ बढ़ रहा है, यह सचमुच एक सवाल बन गया है कि भारत किस व्यवस्था के तहत संचालन करना चाहता है।
[5/23, 1:43 AM] Ali Sarfarazganj: मौलाना साद की आलोचना पड़ी भारी, लोगों ने मारपीट के बाद BJP नेता से लगवाई उठक-बैठक।
नालन्दा। बिहार में भाजपा के एक नेता को तबलीगी जमात के प्रमुख मौलाना साद की चर्चा करना महंगा पड़ गया और उन्हें उठक-बैठक तक करनी पड़ी। घटना के बारे में बताया जा रहा है कि नालन्दा जिले के सारे थाना क्षेत्र के हरगांवा गांव में भाजपा के अतिपिछड़ा प्रकोष्ठ के पूर्व जिला महामंत्री अरविन्द ठाकुर निजामुद्दीन तब्लीगी मरकज के मुखिया मौलाना साद की चर्चा कर रहे थे। तभी मौलाना साद की आलोचना से गुस्साए कुछ लोगों ने नेता की दुकान में घुसकर उनकी पिटाई कर दी। इसके बाद लोगों ने पंचायत में शिकायत भी कर दी। जानकारी के अनुसार इसके बाद स्थानीय मुखिया ने उठक-बैठक करने का फरमान सुना दिया।