उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुद्वारों में लंगर की परंपरा की सराहना की है, जहां बिना किसी भेदभाव के सभी लोगों को भोजन कराया जाता है। उन्होंने कहा कि गुरुवाणी के अनुसार, लंगर में कोई भी व्यक्ति आता है, उसका नाम, जाति या चेहरा नहीं देखा जाता है। यह परंपरा सिख समुदाय द्वारा आज भी पालन की जाती है और हमें भी इसका अनुसरण करना चाहिए। योगी आदित्यनाथ ने सिख गुरुओं की बलिदान और त्याग की भावना की भी प्रशंसा की है। उन्होंने कहा कि सिख गुरुओं ने भारतीय संस्कृति और धर्म की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति दी है ¹ ²।
*योगी आदित्यनाथ के बयान के मुख्य बिंदु:*
– *लंगर की परंपरा*: गुरुद्वारों में लंगर की परंपरा एक अद्भुत मानवता की परंपरा है, जहां बिना किसी भेदभाव के सभी लोगों को भोजन कराया जाता है।
– *सिख गुरुओं की बलिदान*: सिख गुरुओं ने भारतीय संस्कृति और धर्म की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति दी है।
– *गुरु परंपरा का सम्मान*: गुरु परंपरा का सम्मान करना हमारी जिम्मेदारी है और हमें इसके मूल्यों को अपनाना चाहिए ² ¹।




