पटना में कांग्रेस के रोजगार मेले में लाखों की भीड़ जमा हुई, जिसमें कुछ अव्यवस्थाएं भी देखने को मिलीं। इस मेले में 40,000 लोगों ने रजिस्ट्रेशन करवाया था, जिनमें से 20,000 लोगों का इंटरव्यू हुआ और 7,000 लोगों को जॉइनिंग लेटर दिया गया।
*मेले की मुख्य बातें:*
– *भीड़ और अव्यवस्था*: मेले में इतनी अधिक संख्या में युवा आए कि स्थिति नियंत्रण से बाहर हो गई और बैरिकेडिंग टूट गई।
– *कंपनियों की भागीदारी*: 120 से अधिक कंपनियों ने मेले में भाग लिया, जिनमें फार्मा, आईटी, मैन्युफैक्चरिंग और सिक्योरिटी जैसे क्षेत्रों की प्रमुख कंपनियां शामिल थीं।
– *रोजगार के अवसर*: कांग्रेस का दावा है कि इस मेले के माध्यम से सैकड़ों युवाओं को तुरंत रोजगार मिलेगा और आने वाले महीनों में हजारों अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे।
– *राजनीतिक मकसद*: यह मेला कांग्रेस की ओर से युवाओं को साधने के लिए एक बड़ा कदम है, खासकर बिहार विधानसभा चुनाव 2025 से पहले ¹ ² ³।
*युवाओं की शिकायतें:*
– *बिहार की कंपनियों की कमी*: मेले में भाग लेने वाले युवाओं ने शिकायत की कि अधिकांश कंपनियां बिहार से बाहर नौकरी दे रही हैं और सैलरी भी कम है।
– *अव्यवस्था*: भीड़ और अव्यवस्था के कारण कई लोग निराश लौटे ³ ⁴।





