गुरु पूर्णिमा के पावन पर्व पर वाराणसी में एक अनोखा नजारा देखने को मिला। मुस्लिम महिलाएं पातालपुरी मठ में जगदगुरु बालक देवाचार्य जी महाराज की आरती उतारकर और तिलक लगाकर सम्मानित किया। इस दौरान सैकड़ों की संख्या में मुस्लिमों ने गुरु दीक्षा लेकर देश के लिए जीने की शपथ ली।
*गुरु पूर्णिमा का महत्व*
गुरु पूर्णिमा एक ऐसा पर्व है जो गुरु-शिष्य परंपरा को मनाता है और गुरु के प्रति सम्मान व्यक्त करने का सबसे बड़ा त्योहार है। इस दिन शिष्य अपने गुरु के चरणों में बैठकर आभार व्यक्त करता है और उनका पूजन करता है।
*मुस्लिम महिलाओं की भागीदारी*
मुस्लिम महिलाओं ने गुरु पूर्णिमा के अवसर पर पातालपुरी मठ में पहुंचकर गुरु की आरती उतारी और तिलक लगाकर सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि गुरु का स्थान माता-पिता से भी बढ़कर है और गुरु ही ईश्वर को पाने का मात्र रास्ता दिखाता है। इसलिए गुरु-शिष्य के बीच मजहब की दीवार नहीं होनी चाहिए ¹ ².
*जगदगुरु बालक देवाचार्य महाराज का संदेश*
जगदगुरु बालक देवाचार्य महाराज ने कहा कि रामपंथ एक सांस्कृतिक पुनर्जागरण है जो लोगों में दया, प्रेम, करुणा, शांति और लोक कल्याण की भावना विकसित करता है। उन्होंने कहा कि सभी को राम के रास्ते पर चलकर ही जीवन को श्रेष्ठ बनाना होगा और दुनिया शांति के रास्ते पर तभी चल पाएगी जब वह भगवान राम के रास्ते पर चलेगी ¹.





