अयोध्या में नागा साधुओं द्वारा दुकानों पर औचक छापेमारी शुरू हो गई है, जिसका उद्देश्य प्रसाद की गुणवत्ता की जांच करना है। निर्वाणी अखाड़े के नागा साधुओं और व्यापारी नेताओं की संयुक्त टीम गठित की गई है, जो आकस्मिक निरीक्षण करके प्रसाद की गुणवत्ता की जांच करेगी और आवश्यक कार्रवाई के लिए अपनी संस्तुति प्रदान करेगी।
*नियम और शर्तें:*
– एक जुलाई से प्रसाद के डिब्बे पर व्यापारी और प्रतिष्ठान का नाम और मोबाइल नंबर अनिवार्य रूप से अंकित करना होगा।
– ऐसा न करने वाले व्यापारियों पर कार्रवाई की जाएगी।
– मिलावटखोरी और ठगी करने वाले व्यापारी चिह्नित किए जाएंगे ¹।
*क्यों हो रही है छापेमारी?*
हनुमानगढ़ी में उच्च गुणवत्ता वाले प्रसाद की मांग को देखते हुए, व्यापारियों को देशी घी के लड्डू बेचने का निर्देश दिया गया था। लेकिन कुछ व्यापारियों ने इसका फायदा उठाकर सस्ते ब्रांड के तेल का इस्तेमाल करना शुरू कर दिया। इसी दुर्व्यवस्था पर अंकुश लगाने के लिए यह छापेमारी की जा रही है।
*क्या है हनुमानगढ़ी की व्यवस्था?*
हनुमानगढ़ी मंदिर में श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ को देखते हुए, नागा साधुओं को व्यवस्था संभालने की जिम्मेदारी दी गई है। लगभग 100 से 150 नागा साधु श्रद्धालुओं को मूलभूत सुविधा प्रदान करेंगे और भीड़ नियंत्रण करेंगे ²।





