राजनाथ सिंह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रयासों से पुराने लखनऊ में दौड़ेगी मेट्रो, 12 नए स्टेशन बनेंगे

राजनाथ सिंह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रयासों से पुराने लखनऊ में दौड़ेगी मेट्रो, 12 नए स्टेशन बनेंगे

लखनऊ | शाबू ज़ैदी

पूर्व प्रधानमंत्री एवं भारत रत्न स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी ने लखनऊ के विकास और आधुनिक शहर के रूप में इसकी पहचान मजबूत करने का जो सपना देखा था, उसे आगे बढ़ाने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया जा रहा है। रक्षा मंत्री एवं लखनऊ के सांसद राजनाथ सिंह और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में लखनऊ के विकास की कड़ी में अब मेट्रो विस्तार एक बड़ी उपलब्धि के रूप में जुड़ने जा रहा है।

लखनऊ में मेट्रो नेटवर्क के विस्तार की दिशा में बड़ी सौगात मिलने जा रही है। चारबाग से वसंतकुंज तक 11.165 किलोमीटर लंबे ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर (फेज-1B) का निर्माण किया जाएगा। इस परियोजना पर करीब 5,801 करोड़ रुपये खर्च होंगे और इस नए कॉरिडोर में कुल 12 मेट्रो स्टेशन बनाए जाएंगे।

इस परियोजना के पूरा होने के बाद पुराने लखनऊ के कई प्रमुख और घनी आबादी वाले इलाके सीधे मेट्रो नेटवर्क से जुड़ जाएंगे। इससे चारबाग से पुराने लखनऊ की ओर आने-जाने वाले हजारों यात्रियों को सड़क के भारी ट्रैफिक से काफी राहत मिलने की उम्मीद है।

ये होंगे 12 नए मेट्रो स्टेशन

अंडरग्राउंड स्टेशन:

1. चारबाग
2. गौतम बुद्ध मार्ग
3. अमीनाबाद
4. पाण्डेयगंज
5. सिटी रेलवे स्टेशन
6. मेडिकल चौराहा
7. चौक

एलिवेटेड स्टेशन:
8. ठाकुरगंज
9. बालागंज
10. सरफराजगंज
11. मूसाबाग
12. वसंतकुंज

नए कॉरिडोर की शुरुआत चारबाग से होगी। यहां यात्री मौजूदा नॉर्थ-साउथ मेट्रो कॉरिडोर से नए ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर में आसानी से पहुंच सकेंगे। इसके बाद मेट्रो गौतम बुद्ध मार्ग, अमीनाबाद, पाण्डेयगंज, सिटी रेलवे स्टेशन, मेडिकल चौराहा और चौक से होकर आगे बढ़ेगी।

चौक के बाद मेट्रो एलिवेटेड रूट पर आएगी और ठाकुरगंज, बालागंज, सरफराजगंज, मूसाबाग होते हुए वसंतकुंज तक पहुंचेगी।

इस कॉरिडोर में करीब 6.879 किलोमीटर भूमिगत और 4.286 किलोमीटर एलिवेटेड हिस्सा होगा। पुराने लखनऊ के अमीनाबाद, चौक, ठाकुरगंज और बालागंज जैसे महत्वपूर्ण इलाकों के मेट्रो से जुड़ने से स्थानीय लोगों, व्यापारियों, कर्मचारियों और रोजाना सफर करने वाले यात्रियों को बड़ी सुविधा मिलने की उम्मीद है।

विकास की दिशा में एक और कदम

लखनऊ में पिछले वर्षों में सड़क, फ्लाईओवर, पुल, पार्क और अन्य बुनियादी सुविधाओं के विकास के साथ अब पुराने लखनऊ तक मेट्रो का विस्तार शहर के परिवहन ढांचे को और मजबूत करेगा।

चारबाग से पुराने लखनऊ की ओर जाने वाले यात्रियों को अक्सर भारी ट्रैफिक का सामना करना पड़ता है। मेट्रो सेवा शुरू होने के बाद यात्रियों को सड़क यातायात पर निर्भरता कम करने का विकल्प मिलेगा और शहर के एक बड़े हिस्से में तेज एवं सुविधाजनक सार्वजनिक परिवहन उपलब्ध होगा।

लखनऊ के विकास की इस कड़ी को अटल बिहारी वाजपेयी की विकास की सोच को आगे बढ़ाने वाला कदम माना जा सकता है। राजनाथ सिंह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में लखनऊ में हो रहे लगातार विकास कार्यों में पुराने लखनऊ तक मेट्रो का पहुंचना शहर के भविष्य के लिए एक महत्वपूर्ण अध्याय साबित हो सकता है।

शाबू ज़ैदी

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