कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने वक्फ संशोधन बिल 2025 को लेकर बड़ा बयान दिया है, जिसमें उन्होंने कहा है कि यह बिल मुसलमानों के लिए सबसे बड़ा अन्याय है। उनका कहना है कि यह संशोधन वक्फ संपत्तियों को सरकारी घोषित करने की प्रक्रिया को तेज करेगा, जिससे समुदाय के अधिकार खतरे में पड़ जाएंगे।
इमरान मसूद ने विशेष रूप से क्लॉज 2A और 3(vii)(e) पर आपत्ति जताई है, जिसमें कहा गया है कि इन प्रावधानों के जरिए सरकार वक्फ संपत्तियों को अपने कब्जे में लेने की तैयारी कर रही है। उन्होंने दावा किया कि उत्तर प्रदेश में पहले ही 14,000 हेक्टेयर में से 11,500 हेक्टेयर जमीन को सरकारी संपत्ति घोषित किया जा चुका है, और अगर नया कानून लागू होता है, तो यह फैसला और मजबूत हो जाएगा।
*विरोध के मुख्य बिंदु:*
– *वक्फ संपत्तियों का सरकारीकरण*: इमरान मसूद का आरोप है कि यह संशोधन वक्फ संपत्तियों को सरकारी संपत्ति बनाने की साजिश है।
– *मुस्लिम समुदाय के अधिकारों का हनन*: उनका कहना है कि इससे मुस्लिम समुदाय के अधिकारों पर सीधा हमला होगा और वक्फ बोर्ड कमजोर हो जाएगा।
– *वक्फ बोर्ड की शक्तियों में कटौती*: इमरान मसूद का दावा है कि अगर यह बिल पास होता है, तो वक्फ बोर्ड के पास कोई अधिकार नहीं बचेगा और मुसलमानों की जमीनों को सरकारी संपत्ति बना दिया जाएगा।
भारतीय जनता पार्टी के बारे में आपके प्रश्न का उत्तर देने के लिए पर्याप्त जानकारी नहीं मिली है, लेकिन यह स्पष्ट है कि कांग्रेस पार्टी और विशेष रूप से इमरान मसूद इस बिल का विरोध कर रहे हैं ¹।




