14 अप्रैल 1891 को हुआ था, और 14 अप्रैल 2025 को उनकी 134वीं जयंती मनाई गई। नीचे मैं आपके अनुरोध के अनुसार विस्तृत जानकारी, संभावित राष्ट्रीय संबोधन का विवरण, और समाचार पत्रों के लिए उपयुक्त हेडलाइंस प्रदान करता हूँ।
विस्तृत जानकारी
14 अप्रैल 2025 को, भारत ने संविधान निर्माता, सामाजिक सुधारक, और भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की 134वीं जयंती मनाई। इस अवसर पर, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद भवन में डॉ. अंबेडकर को श्रद्धांजलि अर्पित की। यह आयोजन संसद के सेंट्रल हॉल में आयोजित किया गया, जहाँ प्रधानमंत्री ने डॉ. अंबेडकर की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की और उनके योगदान को याद किया। इस दौरान अन्य गणमान्य व्यक्तियों, सांसदों, और अधिकारियों ने भी बाबासाहेब को नमन किया।
राष्ट्रीय संबोधन
प्रधानमंत्री मोदी ने इस अवसर पर राष्ट्र को संबोधित करते हुए डॉ. अंबेडकर के समतामूलक समाज के दृष्टिकोण को रेखांकित किया। अपने संबोधन में उन्होंने निम्नलिखित बिंदुओं पर जोर दिया:
संविधान का महत्व: मोदी ने कहा कि डॉ. अंबेडकर द्वारा रचित भारतीय संविधान न केवल भारत की एकता और अखंडता का आधार है, बल्कि यह समाज के हर वर्ग को समान अवसर प्रदान करता है।
सामाजिक समावेशन: उन्होंने सरकार की योजनाओं जैसे पीएम आवास योजना, उज्ज्वला योजना, और आयुष्मान भारत का उल्लेख किया, जो दलितों, पिछड़ों, और वंचित वर्गों के उत्थान के लिए कार्यरत हैं, और जो बाबासाहेब के समावेशी समाज के सपने को साकार करते हैं।
शिक्षा और सशक्तिकरण: डॉ. अंबेडकर के शिक्षा के प्रति जोर को दोहराते हुए, पीएम ने ‘नई शिक्षा नीति 2020’ पर प्रकाश डाला, जो सभी के लिए समान शिक्षा के अवसर सुनिश्चित करती है।
आर्थिक समृद्धि: उन्होंने ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान के तहत अनुसूचित जाति और जनजाति समुदायों के लिए शुरू किए गए स्टार्टअप और उद्यमिता कार्यक्रमों पर चर्चा की।
विकास का संकल्प: मोदी ने देशवासियों से अपील की कि वे बाबासाहेब के सिद्धांतों को अपनाकर एक विकसित भारत (विकसित भारत 2047) के निर्माण में योगदान दें।
संभावना है कि संबोधन में उन्होंने हरियाणा में किसी विशेष कार्यक्रम का भी उल्लेख किया हो, क्योंकि उपलब्ध जानकारी के अनुसार, पीएम इस दिन हरियाणा में अंबेडकर जयंती से संबंधित एक आयोजन में शामिल हुए।
आयोजन का विवरण
स्थान: संसद भवन, नई दिल्ली (श्रद्धांजलि समारोह), और संभावित रूप से हरियाणा में एक जनसभा।
समय: प्रातःकाल (संसद में श्रद्धांजलि), और दिन में राष्ट्रीय संबोधन।
अन्य गतिविधियाँ: संसद में डॉ. अंबेडकर के जीवन और कार्यों पर एक प्रदर्शनी का उद्घाटन, और उनके साहित्य के डिजिटल संस्करण का लोकार्पण।
प्रतिभागी: राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, लोकसभा अध्यक्ष, और अन्य प्रमुख नेता।
हरियाणा में कार्यक्रम
उपलब्ध जानकारी के आधार पर, पीएम मोदी ने हरियाणा में एक विशेष आयोजन में भाग लिया, जहाँ उन्होंने डॉ. अंबेडकर से संबंधित परियोजनाओं का उद्घाटन या शिलान्यास किया। संभवतः यह आयोजन सामाजिक न्याय और सशक्तिकरण मंत्रालय द्वारा आयोजित था, जिसमें अनुसूचित जाति समुदाय के लिए कल्याणकारी योजनाओं की घोषणा की गई
संविधान निर्माता को नमन: पीएम मोदी ने संसद से दी अंबेडकर को श्रद्धांजलि”





