रूपल राणा उत्तर प्रदेश के बागपत जिले के बड़ोद गाँव की रहने वाली हैं और उन्होंने संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की सिविल सेवा परीक्षा 2023 में अखिल भारतीय रैंक 26 प्राप्त की है। उनकी यह उपलब्धि न केवल उनके कठिन परिश्रम का परिणाम है, बल्कि देशभर के सिविल सेवा परीक्षार्थियों के लिए प्रेरणा का स्रोत भी है।
रूपल की शिक्षा की नींव उनके गाँव के जे. पी. पब्लिक स्कूल में रखी गई, जहाँ उन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा पूरी की। इसके बाद, उन्होंने राजस्थान के पिलानी स्थित बिरला बालिका विद्यापीठ से 11वीं और 12वीं कक्षा उत्तीर्ण की। उच्च शिक्षा के लिए, उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय के रामानुजन कॉलेज से गणित (ऑनर्स) में स्नातक किया, जहाँ वे विभाग की टॉपर रहीं।
रूपल के पिता, जसवीर राणा, दिल्ली पुलिस में सहायक उप-निरीक्षक (ASI) के पद पर कार्यरत हैं, जबकि उनकी माता, अंजू राणा, एक गृहिणी थीं। दुर्भाग्यवश, परीक्षा परिणाम से ढाई महीने पहले उनकी माता का निधन हो गया, लेकिन रूपल ने इस व्यक्तिगत क्षति के बावजूद अपनी तैयारी में कोई कमी नहीं आने दी।
रूपल का UPSC की तैयारी का सफर चुनौतियों से भरा रहा। उन्होंने तीन प्रयासों में सफलता हासिल की, जिसमें पहले दो प्रयास असफल रहे। लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और अपनी रणनीति में सुधार करते हुए तीसरे प्रयास में सफलता प्राप्त की। उनकी तैयारी में दैनिक 8-10 घंटे की पढ़ाई शामिल थी, जो परीक्षा के निकट 13 घंटे तक बढ़ जाती थी। उन्होंने राजनीतिक विज्ञान और अंतरराष्ट्रीय संबंधों (PSIR) को वैकल्पिक विषय के रूप में चुना और नियमित मॉक टेस्ट और उत्तर लेखन अभ्यास के माध्यम से अपनी तैयारी को मजबूत किया।
रूपल का मानना है कि असफलताएँ सफलता की ओर बढ़ने के लिए आवश्यक सीढ़ियाँ हैं। उनका संदेश है कि निरंतरता, धैर्य और समर्पण के साथ कोई भी लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है। उनकी कहानी उन सभी परीक्षार्थियों के लिए प्रेरणा है जो सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं।





