मेरठ के ६ डॉक्टर्स पर किडनी निकालने के आरोप में एफआईआर दर्ज की गई है। यह मामला तब सामने आया जब एक महिला ने इलाज के दौरान अपनी किडनी निकाल लेने का आरोप लगाया। महिला ने २०१७ में मेरठ के केएमसी में बुखार का इलाज कराया था, लेकिन २०२२ में अल्ट्रासाउंड कराने पर पता चला कि उसकी किडनी गायब है [१]।
इस मामले में डॉ सुनील गुप्ता, डॉ अजय एन वत्स, डॉ सीमा वार्ष्णेय, डॉ प्रतिभा गुप्ता, डॉ निकिता जग्गी, और डॉ सतीश कुमार अरोरा सहित ७ लोगों के खिलाफ मानव अंग प्रत्यारोपण अधिनियम और धमकी देने की धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई है। यह मामला न्यायालय के आदेश पर दर्ज किया गया है और आगे की जांच की जा रही है [१]।




