मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय ने हाल ही में एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है, जिसमें कहा गया है कि किसी शहर को धार्मिक होने के आधार पर बूचड़खाने की अनुमति देने से इनकार करना पूरी तरह से अस्वीकार्य है ¹।
इस मामले में मंदसौर शहर के एक पेशेवर कसाई, साबिर हुसैन ने उच्च न्यायालय में याचिका दायर की थी, जिसमें उन्होंने शहर में भैंसों का बूचड़खाना खोलने के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) जारी करने की मांग की थी ²।
हुसैन की याचिका को स्वीकार करते हुए, उच्च न्यायालय ने मंदसौर नगर पालिका को निर्देश दिया कि वह हुसैन को एनओसी जारी करे, जिससे वह शहर में बूचड़खाना खोल सकें ¹।
उच्च न्यायालय ने अपने फैसले में कहा कि मध्य प्रदेश नगर पालिका अधिनियम, 1961 के तहत राज्य सरकार द्वारा जारी अधिसूचना में केवल 100 मीटर के दायरे को पवित्र क्षेत्र घोषित किया गया है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि पूरे शहर को पवित्र माना जाना चाहिए ¹।



