प्रधानमंत्री ने आजादी के अनगिनत दीवानों को नमन करने और उनका पुण्य स्मरण करने का पर्व बताया है।
उन्होंने कहा कि हर चुनौती को पार करते हुए हम समृद्ध भारत बना सकते है
प्रधानमंत्री ने नवाचार को बढ़ावा देने और देश को विभिन्न क्षेत्रों में विश्व में अग्रणी बनाने के उद्देश्य से भविष्य के लक्ष्यों की एक रूपरेखा प्रस्तुत की है।
उन्होंने कहा कि जब देशवासियों की इतनी विशाल सोच हो, इतने बड़े सपने हों, इतने बड़े संकल्प झलकते हों, तब हमारे भीतर एक नया संकल्प दृढ़ कर जाता है, हमारा आत्मविश्वास नई ऊंचाई पर पहुंच जाता है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि हमने बड़े रिफॉर्म्स जमीन पर उतारे। लोगों के जीवन में बदलाव लाने के लिए हमने रिफॉर्म्स का मार्ग चुना।
उन्होंने कहा कि हमारे देश के युवा.incremental growth में विश्वास नहीं करते हैं। वे आगे बढ़ने का सपना देखते हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि जब नीति सही होती है, नीयत सही होती है और पूर्ण समर्पण से राष्ट्र का कल्याण ही मंत्र होता है, तो निश्चित ही परिणाम बेहतर प्राप्त होते हैं।
उन्होंने कहा कि जब हम सैचुरेशन की बात करते हैं तो वह शत-प्रतिशत होता है और जब सैचुरेशन होता है, तो उसमें जातिवाद का रंग नहीं होता है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि मेरा सपना है कि 2047 में जब विकसित भारत बनेगा, तब सामान्य मानवी के जीवन में सरकार का दखल कम हो।
उन्होंने कहा कि आज के भारत में महिलाएं न केवल अपनी भूमिका बढ़ा रही हैं, बल्कि वे अग्रणी भूमिका निभा रही हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि सेक्युलर सिविल कोड समय की मांग है।




