नितिन नवीन ने कहा—‘वंदे मातरम्’ की पूरी विरासत से कोई समझौता नहीं
नई दिल्ली, 22 अगस्त 2026। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने कहा कि ‘वंदे मातरम्’ केवल एक गीत नहीं, बल्कि भारत की राष्ट्रीय चेतना, स्वतंत्रता संग्राम और देशभक्ति का अमर प्रतीक है। उन्होंने कांग्रेस कार्यसमिति द्वारा 19 अगस्त 2026 को 1937 के प्रस्ताव को दोहराते हुए ‘वंदे मातरम्’ के केवल पहले दो अंतरों के गायन तक सीमित रखने के फैसले की कड़ी निंदा की।
नितिन नवीन ने कहा कि भाजपा ‘वंदे मातरम्’ के सम्मान, गरिमा और ऐतिहासिक विरासत की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने आरोप लगाया कि राष्ट्रीय गीत को राजनीतिक तुष्टीकरण या वोट बैंक की राजनीति के दबाव में सीमित नहीं किया जा सकता।
भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि 1950 में संविधान सभा द्वारा निर्धारित व्यवस्था और संसद द्वारा 2026 में राष्ट्रीय गीत को समान वैधानिक संरक्षण दिए जाने के बाद 1937 का राजनीतिक समझौता उसके ऊपर नहीं हो सकता। उन्होंने कांग्रेस से कहा कि उसकी कार्यसमिति का कोई प्रस्ताव देश की संवैधानिक संस्थाओं और संसद द्वारा बनाए गए कानून से ऊपर नहीं हो सकता।
नितिन नवीन ने कहा कि ‘वंदे मातरम्’ ने स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान देशवासियों में संघर्ष, बलिदान और राष्ट्रीय चेतना की भावना जगाई थी। भाजपा अब देशभर में अभियान चलाकर विशेष रूप से युवाओं को ‘वंदे मातरम्’ के इतिहास, अर्थ और राष्ट्रीय महत्व से अवगत कराएगी।
उन्होंने कहा कि 1947 में भारत की आजादी का विजय उद्घोष ‘वंदे मातरम्’ था और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 2047 के विकसित भारत का संकल्प भी ‘वंदे मातरम्’ के उद्घोष के साथ आगे बढ़ेगा।
नितिन नवीन ने स्पष्ट किया कि राजनीतिक लाभ या तुष्टीकरण के लिए ‘वंदे मातरम्’ के सम्मान और विरासत से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।
