1 जून 2020
सीमा विवाद पर नेपाल की सरकार ने भारत के साथ बातचीत के सुझाव से साफ इनकार कर दिया है। नेपाल की संसद में वहां की के पी शर्मा ओली सरकार ने संविधान में संशोधन का बिल पेश किया है। इस बिल के जरिए देश के राजनीतिक नक्शे और राष्ट्रीय प्रतीक को बदला जा रहा है। नेपाल ने नए नक्शे में भारत के तीन इलाकों को अपनी सीमा के भीतर दिखलाया है। ये तीन इलाके हैं- कालापानी, लिंपियाधुरा और लिपुलेख जो भारत की सीमा में आते हैं, लेकिन नेपाल इन पर दावा करता आया है। नेपाल की सरकार को संसद के भीतर मुख्य विपक्षी दल नेपाली कांग्रेस का भी समर्थन मिल गया है।
अपने नए नक्शे में नेपाल ने कुल 395 वर्ग किलोमीटर के इलाके को शामिल किया है। इसमें लिंपियाधुरा, लिपुलेख और कालापानी के अलावा गुंजी, नाभी और कुटी गांवों को भी शामिल किया गया है। नेपाल ने कालापानी के कुल 60 वर्ग किलोमीटर के इलाके को अपना बताया है। इसमें लिंपियाधुरा के 335 किलोमीटर के इलाके को जोड़ दें तो यह कुल 395 वर्ग किलोमीटर हो जाता है। इस तरह से नेपाल ने भारत के 395 किलोमीटर के इलाके पर अपना दावा किया है।