भारत वेस्टइंडीज और न्यूजीलैंड के बीच 1994 में एक त्रिकोणीय श्रृंखला थी. Wills world series.. !
उसका चौथा मैच भारत और वेस्टइंडीज के बीच था।
वेस्टइंडीज ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 257 रन बनाए थे..
भारत की ओर से बल्लेबाजी की शुरुवात सचिन और मनोज प्रभाकर ने अच्छी की..
लेकिन फिर तीन बल्लेबाज runout हुए..
काम्बली, जडेजा और नवजोत सिंह सिद्धु…
नवजोत तो दूसरे विकेट के रूप में runout हुए लेकिन उनके बाद काम्बली और जडेजा का रनआउट होना एक संदेह बना।
हालांकि मनोज प्रभाकर आउट नही हुए,
फिर एक टाइम आया
जब मनोज प्रभाकर और नयन मोंगिया को 9 ओवर में जीत के लिए मात्र 63 रन की जरूरत थी.. पांच विकेट हाथ में थे…
लेकिन
ये दोनों बल्लेबाजों ने न तो रन बनाया और न ही आउट हुए..
9 ओवर में इन दोनों बॉलबाजों के द्वारा मात्र 16 रन बनाए गए.. दोनों में से कोई आउट भी नही हुआ…
मनोज प्रभाकर 102 पर नाबाद रहे, जबकि गेंद खेली थी और ओपनिंग आये थे..
मोंगिया ने 21गेंद में 4 रन बनाया गया।
पचास ओवर में 211 रन ही बने।
उसके बाद मनोज प्रभाकर को हटाया गया और मोंगिया को सीरीज से बाहर का रास्ता दिखाया गया।
वेस्टइंडीज के एक बॉलर ने तो केवल ओवर किया और वो भी मेडन था। तीन रनआउट..
इस सीरीज में सचिन ने सबसे ज्यादा रन बनाए विकेट भी लिए, भारत का प्रदर्शन भी बहुत शानदार था। भारत एक भी मैच नही हारा सिवाय इस मैच के।
लेकिन ऐसी फिक्सिंग ????? जो साफ साफ दिखाई दे..
पहली बार हुई..
गौर इसपर कीजिये कि ये सब आज फिक्सिंग से बरी हैं क्योंकि कोर्ट में साबित नही हुआ.. अजहर काम्बली जडेजा तक का यही हाल था।
इनका एक ही इलाज था कि इनको बाहर का रास्ता दिखाया जाए.. और फिर कभी वापसी न हो.. और फिर कभी वापसी नही हुई।
लेकिन भारत जैसे देश में जहां पर क्रिकेट को पूजते हैं वहां भी इन लोगों ने खुली आँखों के सामने सौदा किया था।
आज निर्दोष तो अजहरुद्दीन भी हैं.. तो क्या गद्दारी सच नही थी.. ??
#vipin_ayodhya





