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ईरान की धमकी के बाद यूएस ने रवाना किए जंगी बेड़े, वेनेजुएला भी युद्ध में कूदा!

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23/5/2020

नई दिल्‍ली: दो दिन पहले ईरान ने अमेरिका को जो चेतावनी दी थी, उसके बाद अब हालात बिगड़ते नजर आ रहे हैं। इस मामले में वेनेजुएला के कूदने के बाद युद्ध की स्‍थिति बन गई है। वेनेजुएला ने साफ कर दिया है कि वह ईरान की मदद करेगा और इसी को लेकर अमेरिकी नौसेना ईरानी जहाजों पर कार्रवाई करने की तैयारी कर रही है।

वेनेजुएला बड़ी तादाद में ईरान से पेट्रोल-डीजल आयात करता है, जिसको लेकर पिछले दिनों ईरान ने कहा था कि अमेरिका उसके जहाजों को परेशान करने में लगा हुआ है, लेकिन वह किसी भी हालात में वेनेजुएला को तेल की सप्‍लाई देना बंद नहीं करेगा। यहीं नहीं ईरान ने सीरिया और दूसरे खाड़ी देशों में रहने वाले अमेरिकियों को इसके लिए परिणाम भुगतने की भी धमकी दे डाली थी।

अब अमेरिका और ईरान की इस तनातनी में वेनेजुएला ने एंट्री मारी है। वेनेजुएला के रक्षा मंत्री जनरल व्लादिमीर पादरिनो ने कहा कि वे अपने विशेष आर्थिक क्षेत्र में ईरानी जहाजों का स्वागत करेंगे और उसे किसी भी प्रकार के अमेरिकी हमले से बचाएंगे। किसी भी देश का विशेष आर्थिक क्षेत्र तट से 200 समुद्री मील तक फैला होता है। इस क्षेत्र में प्रवेश करने के लिए संबंधित देश के मंजूरी की जरूरत होती है।

वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो के कहने पर ईरान के पांच ऑयल टैंकर फॉर्च्यून, फॉरेस्ट, पेटुनीया, फैक्सॉन और क्लेवल 1.5 मिलियन बैरल ईंधन लेकर जा रहे हैं। वहीं यूएस नेवी के जंगी जहाज कैरिबियन सागर में अवैध मादक पदार्थों की तस्करी को रोकने के लिए गश्त कर रहे हैं। जिसको देखते हुए ईरान ने अमेरिका को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर उसके टैंकरों को रोका किया जाता है तो वह जवाबी कार्रवाई करेगा। हालांकि अमेरिका की तरफ से ईरान के टैंकरों को रोकने के बारे में कुछ नहीं कहा गया है। इसके साथ ही राष्ट्रपति निकोलस मादुरो अमेरिका के कट्टर विरोधी हैं, जबकि ईरान के करीबी माने जाते हैं।

बता दें कि वेनेजुएला दुनिया का सबसे बड़ा तेल भंडार वाला देश है, लेकिन पिछले 2 दशकों में अमेरिका से तनाव के कारण वह गंभीर आर्थिक संकट से गुजर रहा है। इस दौरान यहां पेट्रोलियम का उत्पादन भी लगातार कम हुआ है। हाल के हफ्तों में वेनेजुएला में पेट्रोल की भारी कमी हो गई है, जिससे लोगों को पेट्रोल-डीजल के लिए परेशानियों का सामना करना पड़ा है।

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