आज दिनांक 30-07-2023 को ओबीसी महासभा उत्तर प्रदेश का कार्यकर्ता सम्मेलन लखनऊ में आयोजित किया गया। जिसमें महासभा के राष्ट्रीय कोर कमेटी के पदाधिकारियों ने स्पष्ट तौर पर कहा बिना जातिवार जनगणना कराए OBC को बांटने की साजिश के तहत रोहिणी कमीशन की रिपोर्ट लागू करने की बात करना पिछड़ों की एकता को तोड़ने की साजिश है। अगर सरकार ने ऐसा करने की कोशिश की तो OBC महासभा पूरे देश में आंदोलन करेगी।
इस मौके पर राष्ट्रीय कोर कमेटी सदस्यों एवं प्रदेश कोर कमेटी सदस्यों द्वारा पदाधिकारियों की समीक्षा की गयी तथा उन्हे आवश्यक दिशा-निर्देश दिये गये संगठन विस्तार हेतु व्यापक प्रशिक्षण दिया गया। इस मौके पर जाति आधारित जनगणना, मण्डल आयोग की अनुशंसाओं को लागू कराना, देश भर में हो रही भर्ती प्रक्रिया में संविधान के अनु.16(4) के तहत 54% आरक्षण लागू कराने, क्रीमीलेयर को समाप्त करने, कोलेजियम सिस्टम समाप्त करने, बेरोजगार भत्ता/रोजगार गारंटी बिल लाये जाने, ओबीसी समाज के बिरुद्ध हो रहे अत्याचार को रोकने सहित तमाम बिन्दुओं पर व्यापक चर्चा के साथ ही ओबीसी वर्ग की भविष्य की दशा-दिशा तय करने के सम्बन्ध में संगठन की भावी भूमिका पर विचार किया गया।वर्तमान परिवेश में ओबीसी वर्ग की समस्याओं एवं उन पर हो रहे अत्याचारो को रोकने हेतु प्रभावी कदम उठाने का निर्णय लिया गया। महासभा EWS आरक्षण का विरोध करती है. बिना जाति-जनगणना के EWS आरक्षण लागू करना सामाजिक न्याय की मूल भावना के खिलाफ़ है. 69000 शिक्षक भर्ती मे आरक्षण घोटाला की न्यायिक जाँच हो, ओबीसी की वाजिब पदों मे भर्ती हो.
कार्यक्रम मे कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष श्री अजय कुमार लल्लू जी, पूर्व विधायक व आजाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय सचिव चौधरी अमर सिंह पटेल, राष्ट्रीय जनक्रांति पार्टी के अध्यक्ष हेमंत चौधरी, आम आदमी पार्टी के शिक्षक प्रकोष्ठ के कोषाध्यक्ष डॉ मुकेश यादव जी ने अपना वक्तव्य रखा.
इस अवसर पर मुख्य रूप से राष्ट्रीय कोर कमेटी सदस्य ओबीसी पुष्पराज सिंह, रजनीश सिंह, राष्ट्रीय प्रवक्ता डा.अनूप पटेल, प्रदेश अध्यक्ष ओबीसी रामनिवास वर्मा, का.प्रदेश अध्यक्ष ओबीसी सुनील निषाद , प्रदेश महासचिव ओबीसी मिथिलेश कुमार, प्रदेश कोषाध्यक्ष ओबीसी ईश्वर पटेल एवं प्रदेश, मण्डल, जनपद स्तरीय तमाम पदाधिकारागण /कार्यकर्ता उपस्थित रहे.





