आज दिनांक 24 अक्टूबर सन2021 को उत्तर प्रदेश वक़्फ़ न्यायाधिकरण बार एसोसिएशन के अध्यक्ष रुवेद किदवई व महामंत्री राज़ी हैदर की अध्यक्षता में एक अधिवक्ताओं की बैठक सम्पन्न हुई जिसमें लगभग 7 माह से उत्तर प्रदेश वक़्फ़ न्यायाधिकरण के निष्क्रिय होने पर चिंता व्यक्त की गई यह एक गंभीर विषय है, उत्तर प्रदेश में वक़्फ़ संपत्तियां लगातार खुर्द बुर्द हो रही है और सरकार की अपेक्षा का शिकार है। उत्तर प्रदेश सुन्नी सेंट्रल वक़्फ़ बोर्ड मनमाने आदेश पारित कर रहा है,और उनके विरूद्ध न्यायाधिकरण निष्क्रीय होने के वजह से आवेदन भी नही किया जासकता। लिहाज़ा हमे न्याय से वंचित कर दिया गया है बैठक को संबोधित करते हुवे मोहम्मद हुसैन रिज़वी एडवोकेट ने कहा किलगभग सात माह से उत्तर प्रदेश वक़्फ़ न्यायाधिकरण लखनऊ निष्क्रीय है जिसका लाभ उठा रहे है वक़्फ़खोर भूमाफिया वक़्फ़ जयदादों पर क़ब्ज़े व अवैध निर्माण हो रहे है।खासकर शिया वक़्फ़ संपत्तियों पर अकेले ज़िला बाराबंकी में ही शिया वक़्फ़ संपत्तियों पर अवैध निर्माण जारी है,मुख्यकार्यपालक अधिकारी द्वारा पत्र के बावजूद प्रशासन भूमाफियाओं के विरुद्ध कोई प्रभावी क़दम नही उठाता है।मूल्यवान वक़्फ़ संपत्तियां खुले आम खुर्द बुर्द की जारही है।वरिष्ठ अधिवक्ता मोहम्मद हुसैन रिज़वी ने कहा कि शिया वक़्फ़ बोर्ड जो कि भ्रष्टाचार का अड्डा रहा है जिसकी मिलीभगत से तमाम वक़्फ़ संपत्तियां खुर्द बुर्द हुई है,और तमाम वक़्फों के मुतवल्ली विधि विरुद्ध तरह से बनाये गए हैं।वक़्फ़नाम कि खुली ख़िलाफ़वर्ज़ी की गई है,तमाम मामले न्यायाधिकरण में विचाराधीन है जिसमे कोई करवाई नही हो पा रही,जिसका लाभ खुले तौर पर वक़्फ़खोरो को मिल रहा हैबैठक में तमाम अधिवक्ताओ ने हिस्सा लिया और सरकार से मांग की है कि जल्द से जल्द वक़्फ़ न्यायाधिकरण व शिआ वक़्ग बोर्ड को सक्रिय अवस्था मे लाने संबंधी प्रभावी करवाई करे।