भारत-पाकिस्तान में बासमती चावल के बिना पुलाव अथवा बिरयानी की कल्पना भी मुश्किल है. लेकिन अब तक अपनी सरहदों पर लड़ने वाले दो देशों के बीच बासमती पर खींचतान शुरू हो गई है. भारत ने बासमती के विशेष ट्रेडमार्क के लिए यूरोपीय यूनियन में अप्लाई किया है. इससे भारत को बासमती के टाइटल का मालिकाना हक मिल जाएगा. लेकिन पाकिस्तान ने भारत के इस कदम पर विरोध जताया है.
पाकिस्तान के दूसरे सबसे बड़े शहर लाहौर के दक्षिण में अल-बरकत राइस मिल्स के सह-मालिक गुलाम मुर्तजा ने कहा, “यह हम पर परमाणु बम गिराने जैसा है.” पाकिस्तान ने यूरोपीय कमीशन में भारत के प्रोटेक्टेड ज्योग्राफिकल इंडिकेशन (पीजीआई) हासिल करने के भारत के कदम का विरोध किया. मुर्तजा ने कहा, “(भारत) ने वहां यह सब उपद्रव किया है ताकि वो किसी तरह हमारे बाजारों में से एक को हड़प सके.” मुर्तजा के खेत भारतीय सीमा से मुश्किल से पांच किलोमीटर दूर हैं. उन्होंने कहा कि इससे हमारा पूरा चावल उद्योग प्रभावित हुआ है.