नीदरलैंड दौरे पर गए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को डच प्रधानमंत्री रॉब जेटन के साथ विश्व प्रसिद्ध अफ्सलाउटडाइक डैम का दौरा किया। इस दौरान दोनों नेताओं ने जल प्रबंधन, बाढ़ नियंत्रण, जल संसाधन संरक्षण और जलवायु परिवर्तन से निपटने में द्विपक्षीय सहयोग को और मजबूत करने पर चर्चा की
प्रधानमंत्री कार्यालय की जानकारी के अनुसार, पीएम मोदी और रॉब जेटन ने अफ्सलाउटडाइक को नीदरलैंड की जल प्रबंधन क्षमता का एक महत्वपूर्ण उदाहरण बताया और भारत-नीदरलैंड साझेदारी को नई दिशा देने पर बल दिया
यह दौरा ऐसे समय हुआ है जब दोनों देश लंबे समय से जल संसाधन प्रबंधन, डेल्टा मैनेजमेंट और तकनीकी सहयोग जैसे क्षेत्रों में काम कर रहे हैं
भारत और नीदरलैंड के बीच जल क्षेत्र में सहयोग नया नहीं है। 2018 में दोनों देशों के बीच स्थानीय नियोजन, जल प्रबंधन और मोबिलिटी प्रबंधन से जुड़े तकनीकी सहयोग के लिए समझौता ज्ञापन को मंजूरी दी गई थी, जिसके तहत संयुक्त कार्य समूह भी बनाया गया था �। इसी पृष्ठभूमि में इस दौरे को जलवायु अनुकूल बुनियादी ढांचे और बाढ़-रोधी तकनीक के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है ।
इस यात्रा के दौरान चर्चा का फोकस केवल जल प्रबंधन तक सीमित नहीं रहा। दोनों पक्षों ने व्यापार, रक्षा, तकनीक, स्वच्छ ऊर्जा, स्वास्थ्य सेवा और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की संभावनाओं पर भी बात की �। कुछ रिपोर्टों में यह भी सामने आया कि भारत के कलपासर प्रोजेक्ट से जुड़ी तकनीकी साझेदारी को लेकर भी आगे बढ़ने की बात हुई
अफ्सलाउटडाइक डैम नीदरलैंड की इंजीनियरिंग और जल-नियंत्रण क्षमता का प्रतीक माना जाता है। भारत जैसे देश के लिए, जहां बाढ़, सूखा और जल-संकट तीनों बड़ी चुनौतियां हैं, नीदरलैंड के अनुभव से सीखना रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है इसलिए यह दौरा सिर्फ औपचारिक भ्रमण नहीं, बल्कि व्यावहारिक सहयोग को आगे बढ़ाने का संकेत भी है
पीएम मोदी और डच पीएम रॉब जेटन ने अफ्सलाउटडाइक डैम का दौरा किया, जल प्रबंधन सहयोग पर जोर



