नई दिल्ली। समाजवादी पार्टी के युवा नेता और पूर्व दर्जा प्राप्त मंत्री मोहम्मद अब्बास ने आज ईरानी दूतावास पहुंचकर शहीद अयातुल्लाह सैयद अली खामेनेई के सम्मान में कंडोलेंस रजिस्टर पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। इस अवसर पर उन्होंने गहरा शोक व्यक्त करते हुए कहा कि अयातुल्लाह ने जुल्म और अहंकार के खिलाफ कर्बला के शहीदों से प्रेरणा ग्रहण की और अपनी शहादत का सर्वोच्च उदाहरण प्रस्तुत किया।कर्बला की शहादत से प्रेरित इंकलाब का वैश्विक प्रभावमोहम्मद अब्बास ने अपने बयान में कहा, “अयातुल्लाह खामेनेई ने इमाम हुसैन की कर्बला शहादत से प्रेरित होकर अहंकार और जालिम शासकों के विरुद्ध ऐतिहासिक संघर्ष का सूत्रपात किया। इसके परिणामस्वरूप ईरान में आए इस्लामी इंकलाब ने पूरी दुनिया में अत्याचारियों का जमकर विरोध प्रज्वलित कर दिया।” उन्होंने जोर देकर कहा कि यह शहादत आज भी उत्पीड़ितों के लिए प्रेरणा स्रोत बनी हुई है और जुल्म के खिलाफ वैश्विक जागरूकता फैला रही है।समाजवादी पार्टी का समर्थन और राजनीतिक संदेशसमाजवादी पार्टी के इस युवा नेता ने इस मौके पर भारत में भी अहंकारपूर्ण शक्तियों के खिलाफ एकजुटता का आह्वान किया। पूर्व दर्जा प्राप्त मंत्री के रूप में अपनी सक्रियता दिखाते हुए अब्बास ने कहा कि ईरानी इंकलाब का संदेश लोकतांत्रिक मूल्यों और न्याय की रक्षा के लिए प्रासंगिक है। पार्टी नेतृत्व ने भी इस श्रद्धांजलि का समर्थन किया है, जो भारत-ईरान संबंधों को मजबूत करने की दिशा में एक कदम माना जा रहा है।शहीद अयातुल्लाह की विरासतअयातुल्लाह सैयद अली खामेनेई को शिया मुस्लिम समुदाय में उनके साहसिक नेतृत्व के लिए याद किया जाता है। उनके नेतृत्व में ईरान ने पश्चिमी साम्राज्यवाद का डटकर मुकाबला किया। मोहम्मद अब्बास की यह पहल न केवल शोक संवेदना व्यक्त करती है, बल्कि वैश्विक न्याय आंदोलन से भारत की जुड़ाव को रेखांकित करती है। �
सापा नेता मोहम्मद अब्बास ने ईरानी दूतावास में शहीद अयातुल्लाह खामेनेई को श्रद्धांजलि दी





