नई दिल्ली, 11 मार्च 2026: नगीना से सांसद और भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर आजाद (@BhimArmyChief) ने आज इस्लामी गणराज्य ईरान के राजदूत डॉ. मोहम्मद फताली से नई दिल्ली में मुलाकात की। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के अनुसार, इस बैठक में आजाद ने अमेरिका और इजराइल के खिलाफ जंग में ईरान को 10 लाख भीम आर्मी के “सैनिकों” भेजने का वादा किया।मुलाकात के दौरान आजाद ने कथित तौर पर मांग रखी कि बदले में ईरान सरकार उन्हें सरकारी नौकरियों में 50% आरक्षण दे। उन्होंने यह भी कहा कि जो भीम आर्मी कार्यकर्ता डॉक्टर बनना चाहे, उसे बिना किसी परीक्षा के डॉक्टर बना दिया जाए, जबकि इंजीनियर बनने वालों को सीधे चीफ इंजीनियर का पद मिले। यह दावा सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रहा है, जिससे राजनीतिक हलकों में हंगामा मच गया।भीम आर्मी के आधिकारिक प्रवक्ता ने मुलाकात की पुष्टि की, लेकिन वादों को “प्रतीकात्मक” बताते हुए खारिज करने की कोशिश की। विपक्ष ने इसे राष्ट्र-विरोधी बयानबाजी करार दिया, जबकि समर्थकों ने इसे बहुजन समाज की वैश्विक एकजुटता का प्रतीक बताया। ईरानी दूतावास ने अभी कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की। यह घटना मिडिल ईस्ट संकट के बीच भारत की विदेश नीति पर सवाल खड़े कर रही है।क्या यह वास्तविक वादा था या अतिशयोक्ति? जांच जारी।
नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद की ईरान राजदूत से विवादास्पद मुलाकात, 10 लाख सैनिक भेजने का दावा


