बस्ती, 21 फरवरी 2026: राम कथा के दौरान बस्ती पहुंचे जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी रामभद्राचार्य ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के हालिया फर्जी यूनिवर्सिटी नियमों पर सरकार को कटघरे में खड़ा करते हुए बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा, “UGC की क्या आवश्यकता थी? समाज में भेदभाव क्यों किया जा रहा है?”शंकराचार्य ने साफ शब्दों में कहा कि उनके रहते ये कानून लागू नहीं हो सकता और सरकार को इसे तुरंत वापस लेना होगा। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा, “अगर सरकार को गृहयुद्ध से बचना है तो इस कानून को वापस लेना ही होगा।” उनका यह बयान UGC द्वारा 32 फर्जी विश्वविद्यालयों की सूची जारी करने के ठीक बाद आया है, जिसमें दिल्ली में सबसे अधिक संस्थान शामिल हैं।बयान का संदर्भरामभद्राचार्य ने फर्जी डिग्री संस्थानों पर सख्ती को समाज में भेदभाव का रूप बताया। उनका कहना था कि शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के नाम पर धर्माचार्यों के अधिकारों का हनन नहीं किया जा सकता। बस्ती में चल रही राम कथा में हजारों श्रद्धालुओं के बीच दिया गया यह बयान तेजी से वायरल हो रहा है।UGC ने छात्रों को चेतावनी दी है कि बिना मान्यता वाले संस्थानों से डिग्री नौकरी या आगे की पढ़ाई के लिए अमान्य होगी। शंकराचार्य के बयान ने शिक्षा नीति पर नई बहस छेड़ दी है।
शंकराचार्य रामभद्राचार्य का यूजीसी पर तीखा प्रहार: कानून वापस लो वरना गृहयुद्ध





