आज हिन्दुस्तान की मशहूर -ओ- मारूफ अंजुमन शमशीरे हैदरी व खुद्दामे हुसैनी लखनऊ ने उत्तर प्रदेश प्रेस क्लब हज़रत गंज लखनऊ मे कायद ए मिल्लत हुज्जतुल इस्लाम मौलाना सैयद कल्बे जवाद नकवी साहब को ईरान के राष्ट्रपति महमूद पेज़ेशकियान साहब और इमाम खुमैनी (र.अ.) के पोते मौलाना हसन खुमैनी साहब ने “पहला इमाम खुमैनी विश्व पुरस्कार” पेश किया किए जाने पर उनका इस्तेख़बाल किया गया जिसमे उनको एक आवार्ड दिया गया जिसमे कसीर तादात मे अराकीने अंजुमन मौजूद रहे,,
इस न्यूज़ को विस्तार पूर्वक बनाते हुए हेडिंग बनाते हैं याद रहिए अवार्ड दिसंबर में मौलाना कलबे जवाद में जो बात इमामे जुमा को मिला था
लखनऊ में ऐतिहासिक समारोह: मौलाना कल्बे जवाद नकवी को “पहला इमाम खुमैनी विश्व पुरस्कार” प्रदान
लखनऊ, 27 दिसंबर 2025: उत्तर प्रदेश प्रेस क्लब, हजरतगंज में आज एक भव्य समारोह का आयोजन किया गया, जहां हिन्दुस्तान की मशहूर और मारूफ अंजुमन शमशीरे हैदरी व खुद्दामे हुसैनी लखनऊ ने कायदे मिल्लत हुज्जतुल इस्लाम मौलाना सैयद कल्बे जवाद नकवी साहब का भव्य इस्तेखाब किया। यह समारोह ईरान के राष्ट्रपति महमूद पेजेशकियां साहब और इमाम खुमैनी (र.अ.) के पौत्र मौलाना हसन खुमैनी साहब की ओर से मौलाना कल्बे जवाद नकवी को “पहला इमाम खुमैनी विश्व पुरस्कार”** प्रदान किए जाने के अवसर पर आयोजित हुआ।
मौलाना कल्बे जवाद नकवी, जो लखनऊ के इमामे जुम्मा के रूप में विख्यात हैं, को इस पुरस्कार के साथ एक विशेष अवार्ड भेंट किया गया। समारोह में कसीर तादाद में अराकीन-ए-अंजुमन, उलेमा, और श्रद्धालु उपस्थित रहे, जिन्होंने इस ऐतिहासिक क्षण पर खुषामदीद की। यह पुरस्कार दिसंबर 2025 में ही प्रदान किया गया, जो मौलाना साहब के लंबे संघर्ष, इस्लामी एकता के लिए समर्पण और मिल्लत की खिदमत को सम्मानित करता है।
समारोह की प्रमुख झलकियां
– *विशेष अतिथि*: ईरान के राष्ट्रपति महमूद पेजेशकियां और मौलाना हसन खुमैनी की ओर से पुरस्कार की घोषणा और भेंट।
– **अंजुमनों की भूमिका*: अंजुमन शमशीरे हैदरी व खुद्दामे हुसैनी ने पूरे समारोह का संयोजन किया, जिसमें नातख्वानी, मरसिए और तकरीरें हुईं।
– *उपस्थिति* हजारों की संख्या में लोग जुटे, जो मौलाना कल्बे जवाद के नेतृत्व की सराहना करने पहुंचे।
– महत्व: यह पहला विश्व पुरस्कार इमाम खुमैनी के नाम पर है, जो वैश्विक स्तर पर इस्लामी हस्तियों को दिया जाएगा।
मौलाना कल्बे जवाद नकवी ने इस सम्मान पर अल्लाह का शुक्र अदा करते हुए कहा कि यह पुरस्कार पूरी मिल्लत हिन्दुस्तान की जीत है। उन्होंने इमाम खुमैनी के विचारों को अमल में लाने का संकल्प दोहराया। समारोह का समापन दुआओं और तकबीरों के साथ हुआ।




