नौकरी के चक्कर में मत पड़ो, ई-रिक्शा चलाओ” — डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक का वीडियो वायरल, रोजगार को लेकर छिड़ी सियासी बहस
लखनऊ | शाबू ज़ैदी
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वह युवाओं को नौकरी के पीछे भागने के बजाय अपना ई-रिक्शा या टैक्सी चलाकर कमाई करने की सलाह देते नजर आ रहे हैं। यह वीडियो 23 सितंबर को लखनऊ में भारत टैक्सी सेवा के शुभारंभ कार्यक्रम से जुड़ा बताया जा रहा है।
वायरल वीडियो में पाठक कहते सुनाई देते हैं कि “नौकरी के चक्कर में मत पड़ो, अपना चार घंटा चलाओ, दोपहर में लड़के-बच्चों के साथ रहो।” वह यह भी कहते हैं कि अपना काम करने वाला व्यक्ति अपने समय के अनुसार काम कर सकता है और परिवार को समय दे सकता है। उनके मुताबिक मोटर चलाना कोई खराब काम नहीं है और इससे व्यक्ति अपने घर के लिए कमाई कर सकता है।
हालांकि, वीडियो सामने आने के बाद इस बयान को लेकर राजनीतिक बहस शुरू हो गई है। समाजवादी पार्टी के सांसद पुष्पेंद्र सरोज ने तंज करते हुए कहा कि आज का युवा देश चलाएगा और अगर उपमुख्यमंत्री को रिक्शा चलाने का शौक है तो वह उन्हें रिक्शा उपहार में भेज सकते हैं। कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत ने भी बयान को लेकर सवाल उठाए और पूछा कि क्या भाजपा सरकार के नेताओं के परिवारों के युवा भी ई-रिक्शा चलाएंगे।
विवाद इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाल ही में अगले छह महीनों में एक लाख युवाओं को सरकारी नौकरी के नियुक्ति पत्र देने की घोषणा की है। सितंबर में मुख्यमंत्री नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रमों में भी शामिल हुए हैं।
ऐसे में सोशल मीडिया पर सवाल उठ रहा है कि एक ओर सरकार युवाओं को सरकारी नौकरी देने की बात कर रही है, वहीं सरकार के उपमुख्यमंत्री युवाओं को नौकरी के बजाय स्वरोजगार के तौर पर ई-रिक्शा चलाने की सलाह दे रहे हैं। हालांकि, पाठक के बयान का संदर्भ स्वरोजगार और ड्राइवरों को अपने काम का मालिक बनने के फायदे बताने से जुड़ा था।
इस बयान ने उत्तर प्रदेश में सरकारी नौकरी बनाम स्वरोजगार की बहस को एक बार फिर राजनीतिक चर्चा के केंद्र में ला दिया है।
