ई-चालान नहीं भरा तो बिजली बिल से जोड़ने पर विचार: सुप्रीम कोर्ट ने सुझाया विकल्पई-चालान नहीं भरा तो बिजली बिल से जोड़ने पर विचार: सुप्रीम कोर्ट ने सुझाया विकल्प
नई दिल्ली | शाबू ज़ैदी
सड़क यातायात नियमों के उल्लंघन पर जारी होने वाले ई-चालान की बकाया राशि की वसूली को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने एक असामान्य विकल्प पर विचार करने की बात कही है। अदालत ने सुझाव दिया कि यदि लोग ई-चालान का जुर्माना जमा नहीं कर रहे हैं, तो बकाया राशि को बिजली बिल से जोड़ने की संभावना पर विचार किया जा सकता है।
सुप्रीम कोर्ट के समक्ष ई-चालान के लंबित मामलों और उनकी वसूली से जुड़ा मुद्दा आया। इस दौरान अदालत ने कहा कि बड़ी संख्या में लोग चालान जारी होने के बावजूद जुर्माने की रकम का भुगतान नहीं करते हैं। ऐसे मामलों में बकाया राशि की वसूली सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी व्यवस्था की आवश्यकता है।
अदालत की ओर से सुझाए गए विकल्प के मुताबिक, ट्रैफिक चालान की बकाया राशि को संबंधित व्यक्ति के बिजली बिल से जोड़ा जा सकता है। बिजली बिल का भुगतान नहीं करने पर मौजूदा नियमों के तहत कनेक्शन काटने जैसी कार्रवाई का प्रावधान होता है। ऐसे में अदालत ने इस व्यवस्था को ई-चालान की वसूली से जोड़ने की संभावना पर विचार करने को कहा।
हालांकि, यह स्पष्ट करना जरूरी है कि बिजली बिल के साथ ट्रैफिक चालान जोड़ने की व्यवस्था फिलहाल लागू नियम के रूप में नहीं है, बल्कि अदालत की ओर से सुझाया गया एक विकल्प है। इसे लागू करने के लिए संबंधित विभागों और सरकारों को कानूनी एवं प्रशासनिक पहलुओं पर विचार करना होगा।
ई-चालान व्यवस्था का उद्देश्य यातायात नियमों के उल्लंघन पर डिजिटल तरीके से जुर्माना लगाना और उसकी वसूली को आसान बनाना है। बड़ी संख्या में चालान लंबित रहने की स्थिति में वसूली के नए तरीकों पर चर्चा लगातार होती रही है।
सुप्रीम कोर्ट के इस सुझाव से यह बहस भी तेज हो सकती है कि यातायात नियमों के उल्लंघन पर लगाए गए जुर्माने की वसूली के लिए किस तरह की व्यवस्था अपनाई जाए, जिससे नियमों का पालन भी सुनिश्चित हो और नागरिकों के अधिकारों का भी ध्यान रखा जा सके।
