दिल्ली, 4 सितंबर 2025**: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की घोषणा के अनुरूप, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने GST काउंसिल की 56वीं बैठक के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में देश की 140 करोड़ जनता के लिए नए GST स्लैब की घोषणा की। 22 सितंबर 2025 से लागू होने वाले इस ऐतिहासिक फैसले में GST स्लैब को सरल करते हुए केवल दो दरें—**5% और 18%**—लागू की जाएंगी। सरकार का दावा है कि यह कदम टैक्स प्रणाली को आसान बनाएगा और आम आदमी को राहत देगा।
#### **नए GST स्लैब: आम आदमी को राहत**
– **सस्ती होंगी रोजमर्रा की चीजें**: कॉर्नफ्लेक्स, कॉफी, चॉकलेट, साइकिल, टेबलवेयर और किचनवेयर अब 5% GST स्लैब में शामिल होंगे।
– **जीरो टैक्स की सौगात**: पनीर, इंडियन ब्रेड (रोटी, नान, पराठा) और UHT दूध पर अब कोई GST नहीं लगेगा।
– **आर्थिक विकास और सरलीकरण**: वित्त मंत्री ने कहा कि यह सुधार मध्यम वर्ग और आम आदमी की जेब पर बोझ कम करेगा, साथ ही आर्थिक विकास को गति देगा।
#### **विपक्ष का हंगामा: 40% GST पर सवाल**
विपक्ष ने सरकार के इस कदम पर सवाल उठाए, खासकर **40% GST** स्लैब को लेकर, जो विलासिता और हानिकारक वस्तुओं पर लागू किया गया है। कांग्रेस ने इसे आम जनता के खिलाफ बताया और देश को गुमराह करने का आरोप लगाया। जवाब में, निर्मला सीतारमण ने कहा, “कांग्रेस बेवजह भ्रम फैला रही है। यह स्लैब केवल लग्जरी और हानिकारक वस्तुओं पर लागू है, जिससे आम आदमी पर कोई असर नहीं पड़ेगा।”
#### **सरकार का दृष्टिकोण: ‘सबका साथ, सबका विकास’**
– **टैक्स ढांचे में सरलता**: दो स्लैब (5% और 18%) लागू होने से कारोबारियों और उपभोक्ताओं के लिए टैक्स प्रणाली समझना आसान होगा।
– **आम आदमी को लाभ**: रोजमर्रा की जरूरतों की वस्तुओं पर टैक्स में कटौती से मध्यम वर्ग को बड़ी राहत मिलेगी।
– **आर्थिक सुधार**: सरकार का दावा है कि यह कदम कारोबार को बढ़ावा देगा और भारत की अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करेगा।
**निष्कर्ष**: यह नया GST ढांचा जहां आम जनता के लिए राहत लेकर आया है, वहीं विपक्ष के 40% स्लैब पर सवालों ने राजनीतिक बहस को गरमा दिया है। 22 सितंबर से लागू होने वाले इस बदलाव से देश की अर्थव्यवस्था और उपभोक्ताओं पर क्या असर पड़ेगा, यह आने वाला समय बताएगा।




