Home / राष्ट्रीय / शिया पर्सनल लॉ बोर्ड ने JPC के अध्यक्ष को लिखा पत्र,वक़्फ़ संशोधन बिल में नहीं किया जा सकता बदलाव

शिया पर्सनल लॉ बोर्ड ने JPC के अध्यक्ष को लिखा पत्र,वक़्फ़ संशोधन बिल में नहीं किया जा सकता बदलाव

Spread the love

वक़्फ़ एक्ट में कोई संशोधन नहीं किया जा सकता –मौलाना सैय्यद साएम मेहंदी नक़वी।

ऑल इंडिया शिया पर्सनल लॉ बोर्ड ने ज्वाइंट पार्लियामेंट्री कमेटी वक़्फ़ संशोधन बिल के अध्यक्ष श्री जगदंबिका पाल जी को पत्र लिखकर वक़्फ़ एक्ट में संशोधन करने की बात पर अपनी राय पेश की बोर्ड के अध्यक्ष मौलाना सैय्यद साएम मेहंदी नक़वी ने कहा
आजकल भारत में केन्द्रीय सरकार अवकाफ़ में संशोधन की बात कर रही है। केन्द्रीय सरकार ने लोक सभा में वक़्फ़ के लिये 40 संशोधन वाला बिल पेश किया हैं। इस सम्बन्ध में कहना है कि वक़्फ़ को वाक़िफ वक़्फ़ करता है और उसके परिवार को भी संशोधन का अधिकार नहीं है।
कोई भी वक़्फ़ ज्यादातर मुस्लिम समुदाय (शिया-सुन्नी) करते हैं। यह एक धार्मिक चीज़ है और इसको धर्म के लिये प्रयोग किया जाता है। हमारे देश के संविधान ने इसका अधिकार दिया है कि हम अपने धर्म के अनुसार अपने सारे धार्मिक कार्य करें, वक्फ़ भी इसी के अन्तर्गत आता है। ऑल इंडिया शिया पर्सनल लॉ बोर्ड ने वक़्फ़ ऐक्ट में संशोधन से पहले कुछ अहम बिंदुओं पर ध्यान देने की बात कही।
1. वक़्फ़ धार्मिक होता है और इसको धर्म के लिये ही प्रयोग किया जाता है।
2. वक़्फ़ सिर्फ अच्छे कामों के लिये ही होता है।
3. वक़्फ़ करने वाला अपनी सम्पत्ति को वक़्फ़ करता है।
4. वक़्फ़ शियों में खासतौर से अज़ादारिये इमाम हुसैन (अ० स०) और दूसरे अच्छे कामों में जैसे-गरीबों की मदद, बीमारों का इलाज, शादी वगैरह के लिये मदद करना होता है।
5. वक़्फ़ एक खास होता है, जिसके मुतवल्ली सिर्फ परिवार के ही लोग होते हैं या जिसको वाकिफ चुने।
6. वक़्फ़ बोर्ड इसमें जिसको अच्छा समझे उसको मुतवल्ली बना सकता है लेकिन मुतवल्ली का मुसलमान होना अनिवार्यता है।
7. वक़्फ़ की जमीन को बेचा नहीं जा सकता।
8. वाकिफ के वक़्फ़ करने के बाद उसके निधन पर उसके परिवार के लोग भी वक़्फ़ में संशोधन नहीं कर सकते।
9. वाकिफ के वक़्फ़ करने के बाद उसके निधन पर जो वक़्फ़ डीड में लिखा है उसी पर अमल किया जायेगा।
10. वक़्फ़ प्रापर्टी को किसी दूसरी जगह स्थानांतरित नहीं किया जा सकता है।
11. वक़्फ़ की सम्पत्ति को किराये पर दिया जा सकता है लेकिन वक़्फ़ की नवय्यत बाकी रहे और वक़्फ़ सम्पत्ति बर्बाद न हो।
12. वक़्फ़ आमतौर से मुसलमान के यहाँ होता है और इसमें संशोधन से मुसलमान को नुकसान पहुंचेगा।
13. भारतवर्ष में हर प्रदेश में शिया व सुन्नी दोनों के हजारों-हजारों अवकाफ़ हैं। इन 40 संशोधनों से वक़्फ़, वक़्फ़ नहीं रहेगा और यह लोगों की निजी जायदाद हो जायेगी।
ऑल इण्डिया शिया पर्सनल लॉ बोर्ड आपसे और केन्द्रीय सरकार से यह अपील करता है कि आप भारतवर्ष के संविधान को दृष्टिगत रखते हुये मुस्लिम समुदाय (शिया-सुन्नी) को सामने रखते हुये वक़्फ़ ऐक्ट में किसी प्रकार का कोई भी संशोधन न करें। ऑल इण्डिया शिया पर्सनल लॉ बोर्ड वक़्फ़ संशोधन-2024 का भरपूर विरोध करता है तथा बिल को वापस लेने की माँग करता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *