पर्ल हार्बर (पर्ल बंदरगाह) हवाई द्वीप में अमरीका का नौसैनिक अड्डा और प्रसिद्ध बंदरगाह हुआ करता था. जिसपर 7 दिसंबर, 1941 को जापान ने बिना चेतावनी करीब 1 घंटा 15 मिनट तक हमला किया था. पर्ल हार्बर पर हमले के बाद ही अमेरिका द्वितीय विश्व युद्ध में शामिल और जापान के खिलाफ खड़ा हुआ था. इसी हमले को द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान अमेरिकी ज़मीन पर पहला हमला माना जाता है.
अमेरिका में हवाई के नजदीक होनोलूलू नेवल बेस पर हुए हमले में करीब 2,500 सैनिक मारे गए थे. देखते ही देखते अमेरिका का यह बंदरगाह कब्रगाह में तब्दील हो गया था. इस घटना को अमेरिकी राष्ट्रपति फैंकलीन डी रूजवेल्ट ने काला दिन कहा था.
जापान ने हमले के लिए 350 से ज्यादा लड़ाकू विमानों को भेजा था. इसमें लड़ाकू विमानों के साथ ही बमवर्षक विमान भी थे जिन्हें छह विमानवाही युद्धपोतों से दो चरणों में रवाना किया गया था.
इस हमले में अमेरिका के कुल 2403 सैनिकों की मौत हुई थी जबकि 1100 से ज्यादा घायल हुए थे. यह हमला अचानक किया गया था, जिससे अमेरिका को संभलने का मौका भी नहीं मिल पाया था. 1945 में जापान के हिरोशिमा और नागासाकी पर हुए अमेरिका के परमाणु हमले को इसी का बदला माना जाता है.
7 दिसम्बर 1941 को जब पर्ल बंदरगाह पर जब यकायक हमला किया गया, उस समय वाशिंगटन में जापानी प्रतिनिधि के साथ द्वितीय विश्वयुद्ध के समझौते पर वार्ता चल रही थी.
प्रेसिडेंट रूज़वेल्ट ने 8 दिसंबर को कहा, “कल यूनाइटेड स्टेट्स ऑफ़ अमेरिका पर अचानक और जानबूझ कर हमला किया गया. इससे फ़र्क नहीं पड़ता कि अमेरिका को इस अटैक से उबरने में कितना वक़्त लगता है, अमेरिका के लोग अपने विश्वास के बूते पर जीत तक पहुंचेंगे. मुझे ऐसा लगता है कि मैं ये समझ सकता हूं कि इस वक़्त कांग्रेस क्या चाहती है और अमेरिका के लोग क्या चाहते हैं. और मैं ये बताना चाहता हूं कि हम न सिर्फ खुद को डिफेंड करेंगे बल्कि हर किसी को ये समझा देंगे कि इस तरह की हरकत हमारे साथ दोबारा न हो तो बेहतर.”
पर्ल हार्बर अटैक के बाद काफ़ी डिस्कशन और डिबेट के बाद शायद पहली बार अमरीकी लोग युद्ध के लिए तैयार थे. जापान चाहता था कि अमरीका उस पर लगी पाबंदियां हटा दे लेकिन उस हमले की वजह से पूरी दुनिया एक बार फिर से युद्ध के दरवाजे पर खड़ी घंटी बजा रही थी.
8 दिसंबर को ही कांग्रेस ने रूज़वेल्ट के युद्ध के विचार को समर्थन दिया. तीन दिन बाद जर्मनी और इटली ने यूनाइटेड स्टेट्स के ख़िलाफ़ युद्ध का ऐलान कर दिया. जर्मनी और इटली, जापान के दोस्त थे. झगड़े के दो साल बाद यूनाइटेड स्टेट्स अंततः द्वितीय विश्वयुद्ध में शामिल हो चुका था.