दिल्ली में पकड़ी नकली रेबीज वैक्सीन का कानपुर कनेक्शन, दो फर्मों पर FIR
कानपुर | शाबू ज़ैदी
दिल्ली में पकड़ी गई नकली एंटी-रेबीज वैक्सीन की जांच का कनेक्शन कानपुर तक पहुंच गया है। औषधि विभाग की जांच में कानपुर की न्यू आरजे एजेंसीज से 592 संदिग्ध ‘अभयरैब’ वैक्सीन की वायल बरामद हुई हैं। निर्माता कंपनी ह्यूमन बायोलॉजिकल्स ने संबंधित बैच को नकली बताया है। मामले में अब कलक्टरगंज थाने में तीन लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।
दिल्ली के भगीरथ पैलेस में नकली एंटी-रेबीज वैक्सीन पकड़े जाने के बाद जांच में इसकी सप्लाई का रास्ता कानपुर तक पहुंचा। दिल्ली की एक फार्मास्युटिकल फर्म ने न्यू आरजे एजेंसीज से सात इनवॉयस के जरिए वैक्सीन खरीदी थी। इसके बाद कानपुर में औषधि विभाग ने जांच की और 592 वायल बरामद कीं। इनमें से 120 वायल नमूने के तौर पर सुरक्षित की गईं, जबकि बाकी 462 वायल सीज कर दी गईं।
जांच के दौरान न्यू आरजे एजेंसीज की ओर से वैक्सीन की खरीद के लिए एलेक्सिर क्योर, एक्सप्रेस रोड के तीन बिल प्रस्तुत किए गए। हालांकि एलेक्सिर क्योर के संचालक ने इन बिलों को अपनी फर्म का जारी किया हुआ मानने से इनकार किया और कहा कि उन्होंने ‘अभयरैब’ वैक्सीन खरीदी ही नहीं थी। दस्तावेजों की जांच में भी इन बिलों पर एंटी-रेबीज वैक्सीन का उल्लेख नहीं मिला।
जांच में दोनों पक्षों के बयानों और दस्तावेजों में विरोधाभास सामने आने के बाद औषधि निरीक्षक देवयानी दुबे की शिकायत पर न्यू आरजे एजेंसीज से जुड़े बलजीत कौर, राजिंदर सिंह और तरनदीप सिंह के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। पुलिस और औषधि विभाग अब यह पता लगाने में जुटे हैं कि संदिग्ध वैक्सीन की सप्लाई किन-किन शहरों और राज्यों तक पहुंची।
अधिकारियों के मुताबिक, मामले की जांच जारी है और संबंधित दवा फर्मों के खरीद-बिक्री रिकॉर्ड की भी पड़ताल की जा रही है। नकली रेबीज वैक्सीन का मामला इसलिए गंभीर है क्योंकि रेबीज के संक्रमण के बाद समय पर प्रभावी वैक्सीन मिलना बेहद महत्वपूर्ण होता है।
