अमेरिका में वोटर लिस्ट की जांच पर विवाद, 2 लाख भारतीय मूल के मतदाताओं के नाम हटने की आशंका
वॉशिंगटन | शाबू ज़ैदी
अमेरिका में मतदाता सूची में नागरिकता की जांच को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का प्रशासन मतदाता सूचियों की जांच कर अपात्र मतदाताओं की पहचान करने की दिशा में कदम उठा रहा है। इस प्रक्रिया के बीच करीब दो लाख भारतीय मूल के मतदाताओं के नाम हटाए जाने की आशंका से जुड़ी खबरें सामने आई हैं। हालांकि, इतनी बड़ी संख्या में भारतीय मूल के मतदाताओं के नाम हटाए जाने के दावे की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।
ट्रंप प्रशासन का कहना है कि इस पहल का उद्देश्य अमेरिकी चुनावों में पारदर्शिता बढ़ाना और मतदाता पात्रता सुनिश्चित करना है। इसके तहत नागरिकता संबंधी सरकारी आंकड़ों का इस्तेमाल कर मतदाता सूचियों की जांच करने पर जोर दिया जा रहा है।
वहीं, इस प्रक्रिया के आलोचकों ने आशंका जताई है कि सरकारी डेटाबेस में गलत या अधूरी जानकारी के कारण अमेरिकी नागरिकों के नाम भी मतदाता सूची से हट सकते हैं। इस मुद्दे पर कानूनी विवाद भी चल रहा है। सितंबर 2026 में अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने मामले की सुनवाई के दौरान प्रशासन को संबंधित डेटाबेस के इस्तेमाल की अस्थायी अनुमति दी थी।
विशेषज्ञों के अनुसार, मतदाता सूची की जांच में पारदर्शिता और नागरिकों के मतदान अधिकारों की सुरक्षा के बीच संतुलन बनाए रखना महत्वपूर्ण है। इस विवाद का असर आगामी अमेरिकी मध्यावधि चुनावों से पहले राजनीतिक बहस पर भी पड़ सकता है।
