दिल्ली के मुख्यमंत्री आम आदमी पार्टी के संस्थापक अरविंद केजरीवाल के इस्तीफे के बाद अब दिल्ली को नई मुख्यमंत्री मिल रहा है,
आतिशी दिल्ली की तीसरी महिला मुख्यमंत्री होंगी.,
उन्होंने उपराज्यपाल वीके सक्सेना से मिलकर सरकार बनाने का दावा भी पेश कर दिया है,
आतिशी, अरविंद केजरीवाल के सबसे भरोसेमंद नेताओं में शामिल हैं. 2020 में पहली बार विधायक बनने वाली आतिशी मात्र 4 साल में ही दिल्ली तीसरी महिला मुख्यमंत्री की कुर्सी तक पहुंच गई.
दिल्ली की नई मुख्यमंत्री पंजाबी राजपूत परिवार से ताल्लक रखने वाली आतिशी 1981 में दिल्ली में पैदा हुई थीं. आतिशी के पिता विजय सिंह दिल्ली यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर थे. आतिशी ने दिल्ली के सेंट स्टीफेंस कॉलेज से स्नातक किया और आक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी से मास्टर डिग्री हासिल की.
आप के संस्थापक सदस्यों में रहीं आतिशी
2012 में भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन के समय अरविंद केजरीवाल से जुड़ी आतिशी उन नेताओं में शामिल रहीं, जो आम आदमी पार्टी के संस्थापक सदस्य रहे. आम आदमी पार्टी के 2013 में मेनिफेस्टो ड्राफ्ट तैयार करने के लिए बनी कमेटी में आतिशी को जगह मिली. इसके बाद उन्होंने 2015 से 2018 तक दिल्ली के उपमुख्यमंत्री रहे मनीष सिसोदिया के सलाहकार के रूप में काम किया. कहा जाता है कि दिल्ली के जिस शिक्षा मॉडल का आम आदमी पार्टी पूरे देश में प्रचार करती है, उसको धरातल पर लागू करने में आतिशी की बड़ी भूमिका निभाई है.
विधायक बनते ही 4 साल में मिल गई मुख्यमंत्री की कुर्सी
आतिशी ने 2019 में पहली बार पूर्वी दिल्ली सीट से लोकसभा का चुनाव लड़ा. हालांकि, वह बीजेपी के गौतम गंभीर से हार गईं. इसके बाद दिल्ली में 2020 के विधानसभा में चुनाव में कालकाजी सीट से मैदान में उतरीं और पहली बार विधायक बनीं. आतिशी आम आदमी पार्टी में अरविंद केजरीवाल के सबसे भरोसेमंद चेहरे में रहीं. मनीष सिसोदिया के जेल जाने पर आतिशी को दिल्ली सरकार में कैबिनेट मंत्री बनाया गया. 2020 में पहली बार विधायक बनने वाली आतिशी मात्र 4 साल में ही दिल्ली की मुख्यमंत्री बनने जा रही हैं. एक चैनल का इंटरव्यू देते हुए मुख्यमंत्री आतिशी ने दिल्ली के मतदाताओं और पार्टी कार्यकर्ताओं से घोषणा करी है कि मुझको बधाई एवं हरफूल ना पहनाए,क्योंकि दिल्ली के चाहिते मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के भ्रष्टाचार के आरोपी को लेकर जनता की अदालत में जाने की घोषणा और जब तक दिल्ली की कुर्सी पर नहीं बैठेंगे जब तक जनता उनको दोबारा इस कुर्सी पर नहीं बताएगी, अगर जनता उनको दोबारा दिल्ली का मुख्यमंत्री बनती है उन पर लगाए गए भ्रष्टाचार के आरोप गलत साबित होंगे


