अमित शाह की सहकारिता की सोच को मिली मजबूती, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समेत 6 राज्यों ने किया समझौता
नई दिल्ली | शाबू ज़ैदी
मोदी सरकार के ‘सहकारी संघवाद’ के संकल्प को बड़ी सफलता मिली है। दशकों से लंबित किशाऊ बहुउद्देशीय परियोजना को लेकर नई दिल्ली में ऐतिहासिक समझौते पर हस्ताक्षर किए गए। इस मौके पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समेत उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, राजस्थान, दिल्ली और हरियाणा के मुख्यमंत्रियों ने परियोजना को आगे बढ़ाने पर सहमति जताई।
केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह लगातार राज्यों के बीच सहयोग, समन्वय और साझा हितों के आधार पर लंबित मुद्दों के समाधान पर जोर देते रहे हैं। किशाऊ परियोजना पर बनी सहमति को इसी सहकारी संघवाद और आपसी सहयोग की भावना की महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।
दशकों से लंबित इस परियोजना के धरातल पर आने से इससे जुड़े सभी राज्यों को लाभ मिलने की उम्मीद है। परियोजना से जल सुरक्षा मजबूत होगी, सिंचाई और पेयजल की उपलब्धता बढ़ेगी तथा यमुना नदी के संरक्षण को भी नई गति मिलने की संभावना है।
मोदी सरकार के कार्यकाल में राज्यों के बीच संवाद और समन्वय के माध्यम से कई लंबे समय से लंबित जल संबंधी विवादों के समाधान की दिशा में प्रगति हुई है। किशाऊ परियोजना पर सहमति को इसी क्रम में एक महत्वपूर्ण कदम बताया जा रहा है।
अमित शाह की ‘सहकारिता से समृद्धि’ की सोच और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सहकारी संघवाद के दृष्टिकोण के बीच यह समझौता केंद्र और राज्यों के मिलकर काम करने की एक बड़ी मिसाल के रूप में सामने आया है।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी और भागीदारी ने भी इस महत्वपूर्ण समझौते को विशेष महत्व दिया है। राज्यों के बीच बेहतर तालमेल से जल संसाधनों का प्रभावी उपयोग होने और आने वाले समय में लाखों लोगों को इसका लाभ मिलने की उम्मीद है।
— Shabu zaidi
