अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 24 जून 2025 को घोषणा की कि ईरान और इजरायल के बीच 12 दिन से चल रहे युद्ध के बाद 12 घंटे का पूर्ण और संपूर्ण युद्धविराम (सीजफायर) लागू होगा। यह सीजफायर मंगलवार देर रात (स्थानीय समयानुसार) से प्रभावी होगा। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल और एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि दोनों देशों ने इस बात पर सहमति जताई है कि अगले 24 घंटों में चरणबद्ध तरीके से युद्ध समाप्त होगा।
प्रमुख बिंदु:
सीजफायर की समयसीमा: ट्रंप के अनुसार, सीजफायर मंगलवार देर रात से शुरू होगा। पहले ईरान अपने हमले बंद करेगा, और 12 घंटे बाद इजरायल भी हमले रोकेगा। 24 घंटे बाद युद्ध को आधिकारिक तौर पर समाप्त माना जाएगा।
ट्रंप का बयान: ट्रंप ने दोनों देशों की सहनशक्ति, साहस और बुद्धिमत्ता की सराहना करते हुए कहा, “यह युद्ध मध्य पूर्व को तबाह कर सकता था, लेकिन दोनों देशों ने होशियारी दिखाई। ईश्वर इजरायल, ईरान, मध्य पूर्व, अमेरिका और पूरी दुनिया को आशीर्वाद दे।”
पृष्ठभूमि: यह घोषणा ऐसे समय में हुई है जब अमेरिका ने रविवार (22 जून 2025) को “ऑपरेशन मिडनाइट हैमर” के तहत ईरान के तीन परमाणु ठिकानों (फोर्डो, नतांज, और इस्फहान) पर हमला किया था। जवाब में, ईरान ने कतर और इराक में अमेरिकी सैन्य ठिकानों, विशेष रूप से कतर के अल उदीद एयर बेस, पर मिसाइलें दागीं।
ईरान का रुख: ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने ट्रंप के सीजफायर दावे का खंडन करते हुए कहा कि कोई औपचारिक समझौता नहीं हुआ है। हालांकि, उन्होंने संकेत दिया कि यदि इजरायल सुबह 4 बजे (स्थानीय समय) तक हमले रोकता है, तो ईरान भी जवाबी कार्रवाई नहीं करेगा।
कतर की भूमिका: कतर ने क्षेत्रीय तनाव के बीच अपना एयरस्पेस बंद कर दिया था, लेकिन सीजफायर की घोषणा के बाद इसे फिर से खोल दिया गया। कतर के एयर डिफेंस सिस्टम ने ईरानी मिसाइलों को रोकने में भी भूमिका निभाई।
क्षेत्रीय प्रभाव: इस युद्ध के कारण मध्य पूर्व में तनाव बढ़ा था, जिसके चलते तेल की कीमतों में उछाल आया और कई एयरलाइंस, जैसे एयर इंडिया और इंडिगो, ने मध्य पूर्व के लिए उड़ानें निलंबित कर दीं।
आधिकारिक पुष्टि का अभाव: इजरायल और ईरान की ओर से अभी तक इस सीजफायर की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन दोनों देशों से सकारात्मक संकेत मिले हैं।
संदर्भ:
यह युद्ध 13 जून 2025 को शुरू हुआ था, जब इजरायल ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम को निशाना बनाकर हवाई हमले किए थे। इसके बाद दोनों देशों के बीच 12 दिनों तक मिसाइल और हवाई हमले जारी रहे, जिसमें भारी तबाही हुई। अमेरिका की भागीदारी ने तनाव को और बढ़ाया, लेकिन ट्रंप की मध्यस्थता से यह युद्धविराम संभव हुआ।
नोट: “शीश फायर” और “कतर की मदरसा” शब्द आपके प्रश्न में संभवतः त्रुटिवश आए हैं। यहाँ “शीश फायर” को “सीजफायर” और “कतर की मदरसा” को कतर के संदर्भ में सामान्य रूप से लिया गया है। यदि आपका मतलब कुछ और था, कृपया स्पष्ट करें।
स्रोत:
डोनाल्ड ट्रंप ने की ईरान-इजरायल के बीच 12 घंटे के सीजफायर की घोषणा, 12 दिन की जंग खत्म



