तेहरान, 31 मार्च 2025: ईरान की राजधानी तेहरान में आज ईद-उल-फितर का त्योहार बेहद धूमधाम और एकजुटता के साथ मनाया गया। इस मौके पर ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामनेई ने तेहरान मैदान में विशाल जनसमूह के साथ ईद की नमाज अदा की। इस नमाज में लाखों की संख्या में ईरानी नागरिकों ने शिरकत की, जिससे यह आयोजन न केवल धार्मिक, बल्कि राजनीतिक और सामाजिक एकता का भी प्रतीक बन गया। नमाज के बाद अपने संबोधन में खामनेई ने इजराइल और अमेरिका की नीतियों की कड़े शब्दों में निंदा की और गाजा, फिलिस्तीन, सीरिया, यमन और लेबनान के लोगों के लिए दुआ की।
नमाज में भारी भीड़, एकता का प्रदर्शन
तेहरान मैदान में सुबह से ही लोगों का हुजूम उमड़ना शुरू हो गया था। ईरान के विभिन्न हिस्सों से आए नमाजियों ने सुप्रीम लीडर के नेतृत्व में एक साथ नमाज अदा की। यह पहला मौका नहीं है जब खामनेई ने इस तरह के विशाल आयोजन में नमाज की इमामत की हो, लेकिन इस बार उनकी मौजूदगी और संबोधन को क्षेत्रीय तनाव के संदर्भ में विशेष रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। नमाज के बाद मैदान में मौजूद लोगों ने खामनेई के संबोधन को ध्यान से सुना, जिसमें उन्होंने क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर अपनी बात रखी।
इजराइल और अमेरिका पर सख्त टिप्पणी
अपने संबोधन में अयातुल्लाह खामनेई ने इजराइल को “जालिम” और “अपराधी शासन” करार देते हुए कहा कि यह “फिलिस्तीन की धरती से मिट जाना चाहिए और ईश्वर की कृपा से ऐसा होगा।” उन्होंने इजराइल और उसके सहयोगी अमेरिका पर गाजा और फिलिस्तीन में जारी कथित अत्याचारों के लिए सीधे तौर पर हमला बोला। खामनेई ने कहा, “इन जालिम ताकतों ने गाजा में मासूम लोगों पर बमबारी की, घरों को तबाह किया और बच्चों व महिलाओं को निशाना बनाया। यह एक ऐसा अपराध है जिसे दुनिया कभी माफ नहीं करेगी।”
उन्होंने सीरिया, यमन और लेबनान में भी इजराइल और अमेरिका के प्रभाव की आलोचना की और इन देशों में शांति और स्थिरता के लिए दुआ मांगी। खामनेई ने ईरान समर्थित “एक्सिस ऑफ रेजिस्टेंस” का जिक्र करते हुए कहा कि हमास, हिजबुल्लाह और हूती जैसे संगठन अपने हक की लड़ाई लड़ रहे हैं और ईरान उनका हर कदम पर साथ देगा।
क्षेत्रीय संकटों के लिए दुआ
नमाज के बाद की गई दुआ में खामनेई ने विशेष रूप से गाजा और फिलिस्तीन के लोगों की हिफाजत की प्रार्थना की। उन्होंने कहा, “ऐ अल्लाह! गाजा, फिलिस्तीन, सीरिया, यमन और लेबनान के मासूम लोगों पर रहम कर, उन्हें इन जालिमों के अत्याचार से बचाओ और उन्हें जीत अता फरमा।” इस दुआ के दौरान मैदान में मौजूद लाखों लोगों ने “आमीन” कहकर उनका साथ दिया, जिससे पूरा वातावरण भावनात्मक और एकजुटता से भर गया।
वैश्विक नजरें ईरान पर
यह आयोजन ऐसे समय में हुआ है जब मध्य पूर्व में तनाव अपने चरम पर है। इजराइल और ईरान के बीच बढ़ती दुश्मनी, गाजा में जारी संघर्ष और लेबनान में हिजबुल्लाह के साथ इजराइल की तनातनी ने पूरी दुनिया का ध्यान इस क्षेत्र की ओर खींचा है। खामनेई का यह संबोधन न केवल ईरान की जनता के लिए, बल्कि क्षेत्रीय और वैश्विक शक्तियों के लिए भी एक संदेश माना जा रहा है। विश्लेषकों का मानना है कि खामनेई का यह कड़ा रुख ईरान की उस नीति को दर्शाता है जिसमें वह अपने सहयोगियों के साथ मिलकर इजराइल और अमेरिका के खिलाफ मजबूती से खड़ा है।
ईरान की जनता का उत्साह
ईद-उल-फितर के इस आयोजन में शामिल होने वाले लोगों ने इसे एक धार्मिक और राष्ट्रीय एकता के प्रतीक के रूप में देखा। तेहरान के एक नागरिक, हसन रजाई ने कहा, “हमारे नेता ने हमें एकजुट रहने का संदेश दिया है। यह नमाज और उनका संबोधन हमें ताकत देता है कि हम अपने भाइयों-फिलिस्तीन, लेबनान और यमन के लोगों के साथ हैं।” महिलाओं और बच्चों सहित हर वर्ग के लोग इस आयोजन में शामिल हुए, जिससे ईरान की जनता का उत्साह और समर्थन साफ झलक रहा था।
ईरान में ईद-उल-फितर का यह आयोजन न केवल एक धार्मिक उत्सव रहा, बल्कि क्षेत्रीय राजनीति और एकजुटता के प्रदर्शन का भी एक बड़ा मंच बन गया। खामनेई के संबोधन और दुआ ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि ईरान मध्य पूर्व के संकटों में अपनी अहम भूमिका निभाने के लिए तैयार है।
ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह खामनेई ने तेहरान में ईद-उल-फितर की नमाज अदा की, इजराइल और अमेरिका के खिलाफ दिया कड़ा संदेश





