लखनऊ दिनांक 17 जून 2020 राजा झाउलाल सद्भावना मिशन के संस्थापक डॉ अनूप ने हाल ही में बिज़नस न्यूज़ चैनल सीएनबीसी आवाज, news18, एग्जीक्यूटिव एडिटर, जिनको राजस्थान का कार्यभार दिया गया है ,अमीश देवगन, जिन्होंने हाल ही में पूरी दुनिया में प्रसिद्ध मोइनुद्दीन चिश्ती ख्वाजा गरीब नवाज जिनकी दरगाह राजस्थान में स्थित है पर आपत्तिजनक टिप्पणी की ।मेरा विचार है कि उन्होंने या तो ख्वाजा गरीब नवाज के बारे में अध्ययन नहीं किया या फिर इस बयान के पीछे उनका कोई व्यवसायिक मकसद रहा है।ख्वाजा साहब सन् 1141मे ईरान से हिंदुस्तान आए।जिन्होंने हिंदुस्तान के विभिन्न धर्मों को जोड़ते हुए सूफी परंपरा का आरंभ किया ।ख्वाजा से जो भी मिला वह उन्हीं का हो गया यही चमत्कार आज भी उनकी मजार पर मौजूद है। मुसलमान धर्म से ज्यादा अन्य धर्म के लोग उनकी मजार पर हर वर्ष अपनी उपस्थिति दर्ज कराते हैं । वरिष्ठ पत्रकार को मोइनुद्दीन चिश्ती, ख्वाजा गरीब नवाज की जीवनी के बारे में पूर्ण रूप से अध्ययन करना चाहिए और अगर उनकी मंशा मात्र अपने चैनलों की TRP बढ़ाने की है तो उनको सूफी संतों ,ऋषि-मुनियों या कोई भी ऐसे व्यक्तित्व जिन पर अभद्र टिप्पणी से देश के जनमानस के किसी हिस्से को ठेस पहुंचे , ऐसे बयानों से बचना चाहिए। सूफी ,संतों के खिलाफ अभद्र टिप्पणी , व्यक्ति विशेष के नकारात्मक चरित्र का परिचय देते हैं। ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती के खिलाफ टिप्पणी करने पर उन्हें देश की जनता से माफी मांगनी चाहिए । इसी क्रम में राजा झाऊलाल सद्भावना मिशन के मीडिया प्रभारी अली मीसम ने कहा कि हमारा देश पूरी दुनिया में धार्मिक सद्भावना के लिए पूरे विश्व में प्रसिद्ध है ।वह सूफियों की मजारे, मंदिर, गुरुद्वारे आदि पर अपनी आस्था प्रकट करते हुए अपनी मुरादे पाता है ।जिन सूफी के ऊपर अमीश देवगन ने टिप्पणी करी है उन्हीं की मजार पर हमारे देश के वर्तमान प्रधानमंत्री ,सबका साथ सबका विकास का नारा देने वाले, श्री नरेंद्र मोदी जी ने गरीब नवाज की मजार पर अनेकों बार चादरे भिजवाई । अमीश देवगन को ख्वाजा गरीब नवाज की शान में गुस्ताखी करने पर देश की जनता से माफी मांगनी चाहिए ।