बिना थर्ड पार्टी बीमा वाले वाहनों को न मिले पेट्रोल-डीजल: सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश
नई दिल्ली: सड़क दुर्घटनाओं में पीड़ितों को समय पर मुआवजा दिलाने और बिना बीमा वाले वाहनों की संख्या कम करने के उद्देश्य से सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार और भारतीय बीमा विनियामक एवं विकास प्राधिकरण (IRDAI) को महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं।
सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार और IRDAI से कहा है कि वे एक पायलट प्रोजेक्ट शुरू करें, जिसके तहत यह व्यवस्था विकसित की जाए कि जिन वाहनों का वैध थर्ड पार्टी इंश्योरेंस नहीं है, उन्हें पेट्रोल या डीजल उपलब्ध न कराया जाए।
अदालत ने सुझाव दिया कि पेट्रोल पंपों पर ऐसी तकनीक विकसित की जाए, जिससे ईंधन भराने से पहले वाहन के बीमा की जांच की जा सके। साथ ही, बिना बीमा वाले वाहनों की पहचान के लिए डिजिटल और तकनीकी प्रणाली तैयार करने के भी निर्देश दिए गए हैं।
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि देश में बड़ी संख्या में वाहन बिना वैध थर्ड पार्टी बीमा के सड़कों पर चल रहे हैं, जिससे सड़क हादसों के पीड़ितों को मुआवजा मिलने में गंभीर कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। यदि बीमा सत्यापन की प्रभावी व्यवस्था लागू होती है, तो वाहन मालिक समय पर अपना बीमा नवीनीकरण कराएंगे और सड़क सुरक्षा व्यवस्था भी मजबूत होगी।
फिलहाल यह निर्देश पायलट प्रोजेक्ट के रूप में लागू करने के लिए दिया गया है। इसके आधार पर केंद्र सरकार, IRDAI और संबंधित एजेंसियां तकनीकी एवं प्रशासनिक व्यवस्था तैयार करेंगी। परियोजना के परिणामों की समीक्षा के बाद आगे की नीति पर निर्णय लिया जाएगा।
इस पहल का मुख्य उद्देश्य देश में थर्ड पार्टी बीमा अनुपालन बढ़ाना, सड़क दुर्घटना पीड़ितों के हितों की रक्षा करना और बिना बीमा वाले वाहनों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना है।
