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78 हजार रुपये किलो बिक रहा गधी के दूध का पनीर।

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04/06/2020

नई दिल्ली: दूध हमारे आहार का सबसे अहम हिस्सा है। सुबह नाश्ते से लेकर रात में सोने तक सब दूध का सेवन करते हैं। दूध में कैल्शियम, मैग्नीशियम, जिंक, आइरन जैसे कई पोषक तत्व मौजूद होते हैं, जो हमारे शरीर की क्षमता को मजबूत करते हैं। 2001 में संयुक्त राष्ट्र के खाद्य और कृषि संगठन ने एक जून को विश्व दुग्ध दिवस मनाने का ऐलान किया था। तब से लेकर आज तक हर साल अलग-अलग थीम पर ये दिवस मनाया जाता है। आइए आपको बताते हैं दुनिया के सबसे महंगे दूध प्रोडक्ट के बारे में-

आमतौर पर हम लोग गाय और भैंस के दूध का बना पनीर खाते हैं, लेकिन दुनिया के कुछ हिस्से ऐसे भी हैं, जहां पर गधी के दूध का पनीर बनाया जाता है। सामान्य पनीर भारत में 300 से 600 रुपये किलो के बीच में मिल जाता है, लेकिन गधी के दूध के पनीर की कीमत 78 हजार रुपये के करीब है। इस पनीर के खास गुणों को देखते हुए दुनिया में इसकी डिमांड भी बहुत ज्यादा है, हालांकि इसका उत्पादन कुछ ही देशों में किया जाता है।

गधी के दूध से पनीर बनाने का काम यूरोपीय देश सर्बिया के एक फॉर्म में होता है। उत्तरी सर्बिया में स्थित इस फॉर्म को जैसाविका के नाम से जाना जाता है। यहां पर 200 से ज्यादा गधे पाले गए हैं। भारत में एक जर्सी गाय एक दिन में 30 लीटर तक दूध दे देती है, लेकिन एक गधी से एक लीटर दूध भी नहीं मिल पाता है। जिस वजह से फॉर्म में सारे गधों के दूध से सिर्फ 15 किलो तक ही पनीर बन पाता है। वैसे सभी गधों के दूध से इतना महंगा पनीर नहीं बनता है। सिर्फ बाल्कन प्रजाति के गधों का दूध पौष्टिक माना जाता है, जो सर्बिया और मांटेनेग्रो में पाए जाते हैं।

सर्बिया के पनीर उत्पादकों के मुताबिक गधे और मां के दूध में एक जैसे गुण होते हैं। इसमें कई पौष्टिक तत्व पाए जाते हैं। अगर अस्थमा और ब्रोंकाइटिस के रोगी इसका इस्तेमाल करें, तो उन्हें काफी फायदा होता है। वहीं जिन लोगों को गाय के दूध से एलर्जी होती है, वो गधी का दूध या पनीर इस्तेमाल करते हैं। फॉर्म के मुताबिक उत्पादन कम होने से इसकी कीमतें इतनी ज्यादा हैं। 2012 में सर्बिया के टेनिस स्टार नोवाक जोकोविच के द्वारा इस पनीर के इस्तेमाल की खबर आई थी। जिसके बाद से इस पनीर की चर्चा दुनियाभर में होने लगी। हालांकि जोकोविच ने इन खबरों का खंडन किया था।

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