सऊदी अरब के हवाई क्षेत्र में सुरक्षा खतरे से बढ़ी चिंता, हूतियों के हमलों के बीच मध्य पूर्व में तनाव गहराया

अंतरराष्ट्रीय समाचार | शाबू ज़ैदी

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनकी राष्ट्रीय सुरक्षा टीम ने ईरान के खिलाफ बड़े पैमाने पर सैन्य अभियान दोबारा शुरू करने की संभावनाओं पर चर्चा की है। हालांकि, ट्रंप ने अभी तक कोई अंतिम फैसला नहीं लिया है, लेकिन संभावित हमलों के मद्देनजर पेंटागन को सैन्य तैयारियां पूरी रखने के निर्देश दिए जाने की खबर है।

अमेरिकी समाचार वेबसाइट Axios की रिपोर्ट के अनुसार, पेंटागन ने कुछ दिन पहले अमेरिकी सेंट्रल कमांड को बड़े पैमाने पर सैन्य कार्रवाई दोबारा शुरू करने की तैयारी करने को कहा था। हालांकि, हमले शुरू करने के लिए कोई निश्चित तारीख तय नहीं की गई है।

ईरान के परमाणु और ऊर्जा ठिकाने निशाने पर हो सकते हैं

अमेरिकी और इजरायली अधिकारियों के हवाले से रिपोर्ट में कहा गया है कि यदि सैन्य कार्रवाई दोबारा शुरू होती है, तो ईरान के ऊर्जा संयंत्रों, बुनियादी ढांचे और परमाणु ठिकानों को निशाना बनाया जा सकता है।

व्हाइट हाउस के एक अधिकारी के मुताबिक, राष्ट्रपति ट्रंप के पास सैन्य कार्रवाई समेत सभी विकल्प खुले हैं। रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि अमेरिका ईरान पर आर्थिक और रणनीतिक दबाव बढ़ाने की स्थिति में है। होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर तनाव भी इस पूरे घटनाक्रम का अहम हिस्सा है।

नेतन्याहू से ट्रंप की फोन पर बातचीत

इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से फोन पर बातचीत की। बताया गया कि कुछ ही दिनों के भीतर दोनों नेताओं के बीच यह दूसरी बातचीत थी। इससे पहले दोनों के बीच कई सप्ताह तक बातचीत नहीं हुई थी।

‘द अटलांटिक’ की एक रिपोर्ट में भी दावा किया गया था कि ट्रंप नवंबर में होने वाले अमेरिकी मध्यावधि चुनावों से पहले ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई पर विचार कर सकते हैं। हालांकि, हमले को लेकर अंतिम निर्णय की पुष्टि नहीं हुई है।

सऊदी अरब के हवाई क्षेत्र पर खतरे की खबरों से बढ़ी चिंता

दूसरी ओर, यमन के हूती विद्रोहियों और सऊदी अरब के बीच तनाव तथा सऊदी अरब के हवाई क्षेत्र और हवाई अड्डों की सुरक्षा को लेकर सामने आ रही खबरों ने क्षेत्रीय हालात को लेकर चिंता बढ़ाई है। सऊदी अरब के एयरपोर्ट पर बम से हमले की खबरों की स्वतंत्र पुष्टि और घटना के सटीक विवरण के बिना इसे पुष्ट तथ्य के रूप में प्रस्तुत करना उचित नहीं होगा।

यदि ईरान के खिलाफ अमेरिकी सैन्य कार्रवाई दोबारा शुरू होती है और क्षेत्र में हूतियों के हमले भी बढ़ते हैं, तो इसका असर मध्य पूर्व की सुरक्षा व्यवस्था, अंतरराष्ट्रीय हवाई सेवाओं, तेल की आपूर्ति और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है।

फिलहाल, अमेरिका की ओर से ईरान पर नए हमले को लेकर अंतिम निर्णय का इंतजार है। क्षेत्र में बढ़ते सैन्य तनाव के बीच दुनिया की नजरें वॉशिंगटन, तेहरान और तेल अवीव की अगली रणनीति पर टिकी हैं।संपादकीय नोट: सऊदी अरब के एयरपोर्ट पर हूतियों के बम हमले की खबर और उसके स्थान या तारीख का विश्वसनीय विवरण मिलने पर उस घटना को अधिक सटीकता से शामिल किया जा सकता है।

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