मेघालय सरकार राज्य में एचआईवी/एड्स के बढ़ते मामलों को नियंत्रित करने के लिए विवाह से पहले एचआईवी टेस्ट अनिवार्य करने के लिए नया कानून लाने पर विचार कर रही है। स्वास्थ्य मंत्री अम्पारीन लिंगदोह ने बताया कि राज्य में एचआईवी/एड्स के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं और पूर्वोत्तर क्षेत्र में स्थिति विशेष रूप से गंभीर है। मेघालय देश में एचआईवी/एड्स प्रसार के मामले में छठे स्थान पर है।
*कदम और प्रस्ताव:*
– मेघालय सरकार विवाह से पहले एचआईवी टेस्ट अनिवार्य करने के लिए कानून बनाने पर विचार कर रही है, जैसा कि गोवा में है।
– सरकार टेस्टिंग और स्क्रीनिंग को मजबूत करने के साथ-साथ एंटीरेट्रोवायरल थेरेपी तक पहुंच सुनिश्चित करने पर ध्यान दे रही है।
– स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि पूर्वी खासी हिल्स में एचआईवी/एड्स के 3,432 मामले सामने आए हैं, जिनमें से केवल 1,581 मरीज ही इलाज प्राप्त कर रहे हैं।
– सरकार जागरूकता बढ़ाने और स्वैच्छिक जांच को बढ़ावा देने पर भी ध्यान दे रही है ¹ ² ³।
*विशेषज्ञों की राय:*
विशेषज्ञों का मानना है कि अनिवार्य टेस्टिंग से ज्यादा जागरूकता और स्वैच्छिक जांच को बढ़ावा देना प्रभावी होगा। विश्व स्वास्थ्य संगठन और UNAIDS भी जबरन टेस्टिंग के खिलाफ स्वैच्छिक और गोपनीय जांच की वकालत करते हैं ⁴।