रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भारत आने का निमंत्रण स्वीकार कर लिया है। इस यात्रा के दौरान दोनों नेताओं के बीच द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने और व्यापारिक साझेदारी बढ़ाने पर चर्चा होने की संभावना है। भारत और रूस के बीच ऊर्जा क्षेत्र में मजबूत साझेदारी है, और रूस भारत को पेट्रोलियम उत्पादों का एक प्रमुख आपूर्तिकर्ता है।
*भारत और रूस के बीच संबंधों की मुख्य बातें:*
– *द्विपक्षीय संबंध*: भारत और रूस के बीच विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी है, जो दोनों देशों के बीच मजबूत संबंधों को दर्शाती है।
– *ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग*: रूस भारत को पेट्रोलियम उत्पादों का एक प्रमुख आपूर्तिकर्ता है, और दोनों देशों के बीच ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने की संभावना है।
– *व्यापारिक साझेदारी*: भारत और रूस के बीच व्यापारिक साझेदारी को बढ़ावा देने के लिए दोनों नेता चर्चा कर सकते हैं।
– *आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई*: दोनों नेताओं ने आतंकवाद के सभी रूपों के खिलाफ बिना किसी समझौते के लड़ने की बात कही है।
इस यात्रा से दोनों देशों के बीच संबंध और मजबूत होने की संभावना है, और यह भारत के लिए अपनी ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर हो सकता है ¹ ².