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प्रोफेसर पी.एस.गुप्ता द्वारा 5 नवंबर को मजलिस का आयोजन

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मजलिस के कन्वीनर डॉक्टर सरताज शब्बीर रिज़वी ने बताया कि प्रोफेसर पी एस गुप्ता, सेवानिवृत्त रीडर, रसायन विज्ञान विभाग, शिया पी जी कालेज द्वारा आगामी 5 नवंबर को रात 8.30 पर सईदुल्मिल्लत हाल शिया कालेज विक्टोरिया स्ट्रीट पर एक मजलिस का आयोजन किया गया है। यह मजलिस पिछले पचास सालों से प्रोफेसर गुप्ता द्वारा आयोजित की जा रही है।
पहले इस मजलिस को खतीबे अकबर मिर्ज़ा मो अतहर और उसके बाद खतीबुल इरफ़ान मिर्ज़ा मो अशफाक साहब खिताब करते थे। मजलिस के कोऑर्डिनेटर अली मीसम हुसैन ने बताया कि इस साल की मजलिस को फख़्रे मिल्लत मौलाना यासूब अब्बास साहब खिताब करेंगे।
विदेशों में यह मजलिस गुप्ता जी की मजलिस के नाम से मशहूर है और हिन्दू मुस्लिम एकता की मिसाल है।

बुरा-बुरा ही,चाहे वह बादशाह करें या ख़लीफा-इमाम हुसैन(अ,स)

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लेखक एस.एन.लाल
इमाम हुसैन (अ.स.) की कुर्बानी और शहादत के मतलब सभी अपने-अपने हिसाब से निकालते है,

कोई कहता है इमाम ने पूरी इंसानियत को बचाया, कोई कहता नाना का दीन बचाया, कोई कहता है ज़ुल्म के लड़ना सिखाया और कहता है नाना के बाद से अहलेबैत पर ज़ुल्म करने वालों के चेहरों पर से नकाब को करबला में इमाम ने नोच फेंका, दुश्मन का चेहरा और उसके ख़ानदान का चेहरा दुनिया के सामने ले आये। एस.एन.लाल
ये सही है इमाम ने अपने पूरे ख़ानदान व दोस्तो की कु़र्बानी देकर ये सभी कुछ बचाया, और दुश्मनों का चेहरा दुनिया के सामने लेकर आये। लेकिन अगर कोई इन सबका सुबूत मांगे..तो हम कैसे देंगे..क्योंकि यह हमारा अक़ीदा और किताबों में लिखा है।….! एस.एन.लाल
यह बात और लोगों ने भी सोची होगी…ये मै नहीं कहता…, लेकिन मेरे ज़हन मंे सुबूत पेश करने की जो बात है, वह आपके सामने रखता हॅूं।
आप करबला के वाक़िये से पहले दुनिया में की कहीं भी हुकूमत देखे…। सभी जगह एक ही बात देखने को मिलेगी…, कि जो राजा, बादशाह या खलीफ (लोगों द्वारा बनाया हुआ) जो बात करता या कहता था, वह बात सच, अच्छी और नेक होती थी। और जिन बातों को वह बुरा कहता था, वह भी बुरी होती थी। जैसे गुलामों को ख़रीदना-बेचना या लड़कियों को दफन करना अच्छा समझा। कहीं सती प्रथा (जोकि काफी बाद में हटी), या देवदासी प्रथा को अच्छा समझा जाता था, इसी तरह और भी देशों में भी बुराईयों को अच्छा समझा जाता था, क्योंकि बादशाह व खलीफा अच्छा मानते थे। एस.एन.लाल
इमाम हुसैन (अ.स.) ने कुर्बानी देकर इस बात को साफ कर दिया कि बुरा-बुरा, अच्छा-अच्छा है। अगर बादशाह या खलीफा भी बुरी बात करता है तो उसको बुरा कहो, एक आम इन्सान अच्छा काम करता है, तो अच्छा कहो। बुराई के खिलाफ भी आवाज़ बुलन्द करो, बिना डरे…! चाहे तुम्हारे साथ कोई हो या न हो। सच बात हो, तो एक आम आदमी का भी साथ भी दो। यही वजह थी, इमाम के साथ 72 शहीद होने वालों में हर धर्म व कबीले के लोग शामिल थे। करबला की घटना के बाद से लोगो ने ज़ुल्म सहना छोड़ दिये, ज़ुल्म के खिलाफ खड़े नज़र आने लगे। दुनिया के पर्दे पर कहीं दूसरी ऐसी तस्वीर नज़र नहीं आती, कि सही को सही कहने के लिए डटे रहे, ज़ुल्म पर ज़ुल्म होते रहे…, आप सोचे जिसका 6 महीने का बच्चा क़त्ल कर दिया…, तब भी वह सही के लिए डटे रहे…! कि सच, सच है। सख़्त से सख़्त दिल वाला आदमी भी परिवार पर ज़ुल्म होते देखकर टूट जायेगा। लेकिन इमाम ने संसारिक लड़ाई हारने के बाद भी, अपने मक़सद और उद्देश्य में विजय पाई और यही जीत इमाम को आज भी जिन्दा किये हुए है। जोकि आम इन्सान की ताक़त बनी हुई है। एस.एन.लाल

ताज़िया की बेहुरमती से डॉक्टर यासूब अब्बास नाराज़

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उत्तर प्रदेश 29-10- 2019 शिकवापुर जिला अमेठी में पुलिस द्वारा इमाम बारगाह में घुस के ताज़िये की बेहुरमती करने पर आल इंडिया शिया पर्सनल लॉ बोर्ड के प्रवक्ता जनाब मौलाना यासूब अब्बास साहब ने नाराज़गी का इजहार किया है। उन्होंने S.P. अमेठी से बात करके इंस्पेक्टर शुक्ल बाज़ार पर जांच के आदेश देने की गुजारिश की है।
शिकवापुर में मजलिस को ख़िताब करने गये फख़रे मिल्लत जनाब मौलाना यासूब अब्बास साहब ने कहा के ताज़िये की बेहुरमती करने वाले को छोड़ा नहीं जाएगा उसे सज़ा जरूर मिलेगी।

लखनऊ में पेश इमाम पर अज्ञात हमलावरों का जानलेवा हमला

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लखनऊ पूरे देश में अमन और सुक़ून में ख़लल डालने वाले लगातार सक्रिय हैं।

कल रात 11 बजे उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में जेल रोड पर बनी मस्जिद के इमाम हाफ़िज़ अदनान पर कुछ अज्ञात लोगो ने जानलेवा हमला किया। यह वारदात सुबह 11 बजे हुई। अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर हो गई है। हालांकि हाफ़िज़ अदनान यह नहीं बता सके कि हमलावर कितने थे। उन्होंने सिर्फ एक आदमी को पीछे से देखा।

फडणवीस का बड़ा एलान मैं मुख्यमंत्री था और रहूंगा

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महाराष्ट्र 29-10-2019 सरकार बनाने को लेकर मुख्यमंत्री फडणवीस ने बड़ा बयान दिया है।

उन्होंने कहा कि मैं ही अगले पांच साल सीएम रहुंगा।
ढाई-ढाई साल के सीएम के बात नहीं हुई। देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि कोई B या C प्लान नहीं,
सिर्फ A प्लान है

जिसके तहत मैं ही मुख्यमंत्री बनूंगा और पांच साल रहूंगा। 50-50 फॉर्मूले के तहत CM पोस्ट को लेकर कोई वादा नहीं किया गया। और मेरे पास 122 विधायकों का समर्थन प्राप्त है

कांग्रेस को ज़मीन पर काम करना होगा

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यह बात कुछ हद तक कांग्रेस को राहत देती है कि उपचुनाव में अच्छा प्रदर्शन किया गया जबकि स्थिति अच्छी नहीं थी। हरियाणा और महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के नतीजे इस ओर इशारा करते हैं कि पार्टी का आधार खिसकना बंद हो गया है और अब वह धारा और विचारधारा का रुख बदलने की शुरूआत कर सकती है।
शायद कांग्रेस पार्टी अब असमंजस और आत्मसंशय के बुरे दौर से बाहर आ गई है, लेकिन आत्मचिंतन करते रहना चाहिए। क्यूंकि लोकसभा चुनाव में पार्टी का बहुत खराब प्रदर्शन रहा जिसका नतीजा यह रहा कि पार्टी अध्यक्ष पद से राहुल गांधी ने इस्तीफा दे दिया और कुछ राज्यों में कुछ नेताओं के पार्टी छोड़ना ज़ख़्म पर नमक छिड़कने के बराबर था। ऐसी परिस्थितियों के बावजूद दो राज्यों के चुनावी नतीजे जो आये उसको उत्साहवर्धक कहा जा सकता है और यही वजह है कि पार्टी कार्यकर्ता इससे बेहद खुश हैं।
इस उपचुनाव परिणाम ने कांग्रेस और कांग्रेस कार्यकर्ताओं को राहत की सांस दी है और शायद इस परिणाम के बाद कांग्रेस में यह एहसास एक बार फिर से होने लगा है कि अभी बहुत दम बाकी है और एक बार फिर से अपने पैरों पर मजबूती से खड़े होने और यकीन तथा निडरता के साथ लड़ने की जरूरत है।
कांग्रेस को अब एक बार फिर से जमीन पर काम करने की जरूरत है। मगर यह ध्यान रखना चाहिए कि जो गलतियां पहले की थी जिस वजह से कांग्रेस धरातल पर आ गई उसे दोहराने की जरूरत नहीं है। आज नई टीम बनाने की जरूरत है और धैर्य के साथ आगे बढ़ने की कोशिश करनी चाहिए। क्यूंकि एक दिन में परिणाम नहीं दिखते। जो भी पदाधिकारियों का चुनाव किया जाये वह ऐसा हो जो बोल सकता हो , और जब बोले तो लोग सुनें।
सबसे बड़ी बात यह है कि दलबदलुओं से होशियार रहने की ज़रूरत है। जो जा रहा है उसके लिए हमेशा के लिए दरवाजे बंद कर देने चाहिए। जो दूसरी पार्टी छोड़ कर आ रहा उससे होशियार रहना चाहिए क्योंकि जब वह पहले वाली पार्टी का वफादार नहीं रहा तो आप का क्या होगा।
कांग्रेस पार्टी को अब अपना मकसद स्पष्ट करने की जरूरत है और यही सही वक्त है। कांग्रेस का घोषणापत्र शानदार है लेकिन सार्वजनिक प्रदर्शन करने के लिए के लिए स्पष्टता जरूरी है।
कांग्रेस को विरोधाभासी रुख अपनाने से बचना चाहिए क्योंकि इस वक्त देश की जो हालत है वह चिंता करने वाली है खासकर अर्थव्यवस्था और बेरोजगारी और कांग्रेस को इन बातों को लेकर जनता के बीच आना चाहिए।
जय हिन्द।

सैय्यद एम अली तक़वी
ब्यूरो चीफ- दि रिवोल्यूशन न्यूज

लखनऊ-बहराइच मार्ग पर भीषण एक्सीडेंट

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आज दिनांक 28-10- 2019 लखनऊ- बहराइच मार्ग पर भीषण एक्सीडेंट हुआ है।रुकनापुर पर कार आमने-सामने से टकरा गई। जिससे एक की मौके पर मौत हो गई और 6 लोग गम्भीर रूप से घायल हो गए।

उप्र उपमुख्यमंत्री डॉ0 दिनेश शर्मा ने लिया जमघट का आनंद

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लखनऊ 28-10- 2019 प्रदेश के उप मुख्यमंत्री डॉ दिनेश शर्मा ने जमघट पर पतंग उड़ाई। उन्होंने अपने निजी आवास पर जमघट का आनंद लिया।

अयोध्या के अन्नकूट महोत्सव में पहुंचे इक़बाल अंसारी

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अयोध्या के सभी मन्दिरो में अन्नकूट महोत्सव मनाया जा रहा है। इस महोत्सव में प्रभु श्रीराम को छंप्पन भोग लगाए जा रहे हैं।
ऐसी मान्यता है कि 14 वर्ष वनवास के दौरान प्रभु श्रीराम ने कन्द मूल फल खाया था। ऐसा माना जाता है कि लंका विजय पर दीवाली मनाने के बाद अयोध्यावासियो ने प्रभु श्रीराम को छप्पन भोग कराया था। यह परंपरा मन्दिरो में आज भी कायम है।
इस महोत्सव की खास बात यह रही कि अन्नकूट कार्यक्रम में बाबरी मस्जिद पक्षकार इकबाल अंसारी भी श्री रामलला के मुख्यपुजारी आचार्य सतेंद्र दास के आश्रम गोपाल मंदिर पहुंचे और अन्नकूट का प्रसाद खाया। ।
यह आपसी भाईचारे की एक मिसाल है। आचार्य सत्येंद्र दास ने भी इकबाल अंसारी को दक्षिणा दिया।
इस मौके पर इकबाल ने कहा कि ‘पूरे देश में अयोध्या से भाईचारे का संदेश जाता है क्यूंकि हम लोग यहां साधु संतो के साथ मिलकर रहते हैं और यहां हमको साधु संतों का आशीर्वाद मिलता है।

आरोपी विधायक कुलदीप सेंगर अपने भाई के अंत्येष्टि में पहुंचे

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उन्नाव- कुलदीप सिंह सेंगर के भाई का शव अंत्येष्टि के लिए उन्नाव पहुंचा।
दिल्ली से पोस्टमार्टम के बाद सेंगर के भाई मनोज का शव लाया गया । मनोज सिंह सेंगर की मौत दिल्ली में हुई थी। मनोज का शव उन्नाव स्थित माखी आवास पर लाया गया था।
मनोज सेंगर का हुआ अंतिम संस्कार परियार में हुआ।
परियर घाट पर मनोज को अंतिम विदाई दी गई। छोटे भाई अतुल ने मनोज को मुखाग्नि दी।