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वकार रिजवी की चालीसवें की मजलिस को मौलाना वसी हसन खान ने खिताब किया।

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इंसान दुनिया से अल्लाह की बारगाह में चला जाता है लेकिन उसके किए गए काम लोग याद रखते हैं मशहूर उर्दू सहाफत के झंडाबरदार, एक बेहतरीन जिंदादिल इंसान , उर्दू और हिंदी सहाफत को एक नई ऊंचाई पर ले जाने वाले, बेहतरीन सामाजिक कार्यकर्ता, इंसानियत और क़ौम के मददगार सैयद वकार मेहंदी रिजवी की चालीसवें की मजलिस संपन्न हुई। जिसको
मौलाना वसी हसन खान साहब, प्रोफेसर वसीक़ा अरबी कॉलेज फैजाबाद ने खिताब किया।
मस्जिद का आगाज कारी मोहम्मद अब्बास साहब के तिलावते कलाम ए पाक से हुआ।
तिलावते कलाम ए पाक के बाद सोज़खानी के फराइज जनाब शकील साहब और बरादरान ने अंजाम दिया।
सोज़खानी के बाद जनाब ज़िया साहब ने अपने तास्सुरात पेश किए। उसके बाद मौलाना वसी हसन खान साहब ने मजलिस को खिताब किया उन्होंने मजलिस का मौजू “शुक्रिया” बयान के लिए चुना जिस पर उन्होंने पढ़ा कि अल्लाह का हुक्म है कि नेमतों का शुक्रिया अदा करो। उन्होंने लोगों से सवाल किया कि क्या अल्लाह का शुक्र अदा किया जा सकता है अगर नहीं किया जा सकता है तो फिर अल्लाह ने शुक्र अदा करने का हुक्म क्यों दिया है?
मौलाना ने शेख सादी का जिक्र करते हुए कहा कि इंसान हर नेमत पर शुक्र अदा करें तो इंसान की सबसे बड़ी नेमत सांस है जिसमें वह एक बार सांस अंदर लेता है और दूसरी बार सांस बाहर छोड़ता है तो इसका मतलब यह हुआ कि हर वक्त वह सांस लेता रहे और शुक्र अल्लाह कहता रहे। मौलाना ने कहा के चौथे इमाम हजरत इमाम जैनुलाब्दीन अलैहिस्सलाम ने कहा कि या अल्लाह जब मैं तेरा शुक्र अदा करता हूं तो यह एहसास होता है कि शुक्र अदा करने की तौफीक भी तो तूने ही आता की है।
चालीसवें की इस मजलिस में डॉक्टर नय्यर जलालपुरी साहब और दीगर शोअरा ए इकराम और चाहने वाले मौजूद थे।
वकार रिजवी एक ऐसा नाम था जिसके दिल में काम करने का जज्बा था कौम की तरक्की के लिए फिक्रमंद रहने वाले शख्स के दिल में क़ौम के लिए दर्द था।
अपनी जिंदगी में वकार रिजवी ने मुख्तलिफ इलाके में लोगों की मुश्किल के समय मदद की थी ।
मौलाना ने मजलिस में जब मसायब बयान किए तो मसाएब सुनकर मौजूद लोग गिरिया करने लगे।

कोविड संक्रमण से मुक्त लोगो को भी भोजन की व्यवस्था कर रहा अखिलेश दास फाउंडेशन-विराज सागर*

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लखनऊ 07 मई2021
विश्व खाद्य सुरक्षा दिवस पर बीबीडी ग्रुप के चेयरमैन,अखिलेश दास फाउंडेशन के अध्यक्ष व उत्तर प्रदेश ओलंपिक एसोसिएशन के अध्यक्ष श्री विराज सागर दस ने संकल्प व्यक्त करते हुए कहा कोविड संक्रमण के संकट से एक ओर जहां अपनो की मौतें हुई,परिवार के समक्ष रोजी रोटी का संकट आया है उसके देखते हुए अखिलेश दास फाउंडेशन पूरी तरह मदद के लिये निरन्तर सक्रिय है उसका पूरी निष्ठा सेवाभाव के साथ पालन करते हुए जरूरतमंद कोविड संक्रमित मरीजो व उनके तीमारदारों को अस्पताल व घरों पर डॉक्टर्स की सलाह अनुसार पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने के साथ साथ अब कोविड से जंग जीत चुके उन लोगो को भी अखिलेश दास फाउंडेशन भोजन उपलब्ध कराएगा जिन्हें इसकी जरूरत है।उन्होंने कहा कि कोविड से मुक्त मरीजों का शरीर कमजोर हो जाता है उन्हें पौष्टिक भोजन की जरूरत होती है,धनाभाव के कारण यह बहुतों के लिये सम्भव नही है ऐसे में पॉजिटिव के बाद निगेटिव हुए मरीजों को पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने की व्यवस्था फाउंडेशन द्वारा प्रारम्भ कर दी गयी है।
फाउंडेशन के अध्यक्ष श्री विराजसगर दास ने विश्व खाद्य सुरक्षा दिवस पर कहा कि मानव जीवन के लिये खाद्यान्न का क्या महत्व है यह सभी लोग जानते है हमे अन्न की बर्बादी रोकनी होगी कोई व्यक्ति भूखा न रहे इसके लिये गम्भीर प्रयत्न करने की आवश्यकता है अखिलेश दास फाउंडेशन इस मानवीय कार्य के लिये सामर्थ्य के अनुरूप पूरी तन्मयता के साथ खड़ा है
उन्होंने कहा की कोरोना महामारी के दौर में कोई भूखा न रहे,गरीब,मजदूर व मरीजों व उनके परिजनों की यथासंभव सेवा,सहयोग में कोई कमी नही आये यह संकल्प हमारा है हम इस पथ पर सदैव अग्रसरित रहेंगे

मुलायम सिंह यादव ने लगवाई कोरोना वैक्सीन,

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लखनऊ :मुलायम सिंह यादव ने लगवाई कोरोना वैक्सीन, अखिलेश ने विरोध किया था।
समाजवादी पार्टी के संरक्षक मु़लायम सिंह यादव ने सोमवार को कोरोना वैक्सीन की डोज़ लगवा ली. गुड़गांव के मेदांता हॉस्पिटल में मुलायम सिंह यादव कोरोना की वैक्सीन की पहली डोज लगवाई.

हंगरी में प्रदर्शन, चीन की यूनिवर्सिटी बनाने के ख़िलाफ़ हज़ारों लोग सड़क पर।

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हंगरी की राजधानी बुडापेस्ट में चीन की एक यूनिवर्सिटी का कैंपस खोले जाने के विरोध में हज़ारों लोग सड़कों पर उतरे।
शनिवार को बुडापेस्ट में चीन के फ़ुडान यूनिवर्सिटी कैंपस के निर्माण की योजना का विरोध करते हुए विरोध प्रदर्शन कर रहे लोगों ने संसद भवन तक मार्च निकाला।
इस परियोजना का विरोध कर रहे लोगों का कहना है कि इससे देश की अपने उच्च शिक्षा के स्तर में कमी आएगी और चीन के कम्युनिस्ट शासन का प्रभाव बढ़ेगा।
देश के प्रधानमंत्री विक्टर ओरबान की दक्षिणपंथी सरकार के बीजिंग के साथ बेहद घनिष्ठ संबंध हैं।

चेतावनी के बाद भी केंद्र ने क्यों घटाई अस्पतालों में ऑक्सीजन, ICU और वेंटिलेटर बेड की संख्या’- प्रियंका गांधी

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कांग्रेस की महासचिव प्रियंका गांधी ने अस्पतालों में ऑक्सीजन, आईसीयू और वेंटिलेटर बेड की संख्या में कमी को लेकर केंद्र सरकार से सवाल किया है. उन्होंने कहा कोरोना वायरस संक्रमण की दूसरी लहर घातक सिद्ध हो सकती है और इस दौरान बड़ी संख्या में बेड की आवश्यकता लोगों को पड़ सकती है, इसकी जानकारी होने के बावजूद सरकार ने ऑक्सीजन, आईसीयू और वेंटिलेटर बेड की संख्या कम क्यों कर दी?.
प्रियंका गांधी ने एक वीडियो मैसेज में कहा, ‘सितंबर 2020 से जनवरी 2021 तक मोदी सरकार ने ऑक्सीजन बेड की संख्या 36 फीसदी, आईसीयू बेड की 46 फीसदी, वेंटिलेटर बेड की संख्या 28 फीसदी तक घटा दी. क्यों?’ जबकि देश के हर एक एक्सपर्ट, स्वास्थ्य संबंधी संसदीय समिति और उनके खुद के सीरो-सर्वे ने उन्हें चेतावनी दी थी कि कोरोना की दूसरी लहर के दौरान लोगों को बेड्स की जरूरत पड़ सकती है’.

अखिलेश यादव के पास अब सजातीय वोटों का आधा हिस्सा भी नहीं बचा – शाहनवाज़ आलम

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लखनऊ, 6 जून 2021. अल्पसंख्यक कांग्रेस ने आज हर ज़िले और शहर इकाइयों द्वारा स्पीक अप माईनोरिटी अभियान के तहत फेसबुक लाइव के ज़रिये मुसलमानों की आबादी 20 प्रतिशत होने के बावजूद सपा पर मुसलमानो को धोखा देने और 5 प्रतिशत वाली एक जाति विशेष का विकास करने का आरोप लगाया.

अल्पसंख्यक कांग्रेस प्रदेश चेयरमैन शाहनवाज़ आलम ने बताया कि हर रविवार को फेसबुक लाइव के ज़रिये अल्पसंख्यक कांग्रेस सपा द्वारा मुसलमानों से वोट ले कर उनको ठगने के प्रति लोगों को जागरूक करेगी. आज प्रदेश के क़रीब दो हज़ार कार्यकर्ताओं ने लोगों को आंकड़ों के साथ बताया कि यह सबसे बड़ी अफवाह है कि यादव सपा का बेस वोट है. सपा की पूरी दुकान इसी अफवाह पर चल रही थी लेकिन अब मुसलमान सच्चाई समझ चुका है कि यह वोट बैंक 2014 के बाद से ही सपा से खिसक चुका है. इसलिए अब इसके झांसे में नहीं आना है.

शाहनवाज़ आलम ने बताया कि फेसबुक लाइव के ज़रिये आज मुसलमानों को बताया गया कि 2009 में यादव मतों का 73 प्रतिशत वोट सपा को मिला जो 2014 में घट कर 53 प्रतिशत हो गया. वहीं 2019 के लोकसभा चुनाव में सपा को बसपा से गठबंधन के बावजूद सिर्फ़ 29 प्रतिशत यादव वोट ही मिला. उसे जीत भी सिर्फ़ मुस्लिम बहुल सीटों पर मिली और बदायूं, फिरोजाबाद, कन्नौज, इटावा जैसी यादव बहुल सीटें बुरी तरह हार गयी क्योंकि मुलायम सिंह यादव जी के सजातीय वोटरों ने भाजपा को वोट दिया.

इसी तरह यह भी बताया गया कि 2007 के विधान सभा चुनाव में यादव मतों का 72 प्रतिशत और 2012 में 66 प्रतिशत सपा को मिला. लेकिन 2017 के विधान सभा चुनाव में सिर्फ़ 40 प्रतिशत यादव वोट ही सपा ले पायी. जिसका साफ मतलब है कि 5 प्रतिशत यादव वोट का अब आधा से भी कम यानी कुल सवा दो प्रतिशत यादव वोट ही सपा के पास है.

शाहनवाज़ आलम ने बताया कि आने वाले सप्ताहों में 1992 के कानपुर दंगों जिसमें 258 लोग मारे गए थे, के दोषी पुलिस अधिकारियों को मुलायम सिंह यादव द्वारा बरी करने, मुख्य आरोपी को डीजीपी बनाने और इस घटना की जांच के लिए बनी माथुर कमिशन की रिपोर्ट को दबाने जैसे तमाम मसलों पर फेसबुक लाइव के ज़रिये लोगों को सपा की सच्चाई बताई जाएगी.

 

इमरान खान का नया पैतरा, पाकिस्‍तान बातचीत को राजी लेक‍िन शर्तों के साथ।

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पाक‍िस्‍तान के प्रधानमंत्री इमरान खान एक बार फ‍िर शर्तों के साथ भारत से वार्ता करने को तैयार है। पाक‍िस्‍तान से छपने वाले उर्दू अखबारों में इस हफ्ते इमरान खान का एक इंटरव्‍यू और विपक्ष से उनकी तकरार से जुड़ी खबरें सुर्खियों में हैं। प्रधानमंत्री इमरान खान ने भारत से एक बार फ‍िर बातचीत शुरू करने की पेशकश की है। पाकिस्‍तान के प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत अगर कश्‍मीर में पुरानी स्थिति को बहाल करने का सिर्फ रोडमैप भी देता है तो पाक‍िस्‍तान उसके साथ बातचीत करने के लिए तैयार है। आखिर क्‍या है इमरान की मांग। भारत को क्‍या है आपत्ति

इमरान ने एक बार फ‍िर भारत के साथ वार्ता करने के लिए वही पुरानी शर्त रखी है। उन्‍होंने कहा कि भारत अगर कश्‍मीर में पुरानी स्थिति को बहाल करने का सिर्फ रोडमैप भी देता है तो पाकिस्‍तान वार्ता के लिए तैयार है। उन्‍होंने कहा कि भारत ने कश्मीर के विशेष दर्जे को खत्‍म करके रेडलाइन क्रॉस की है, लेकिन भारत अगर स‍िर्फ यह रोडमैप बता दें तो वह वार्ता को राजी हैं। उन्‍होंने कहा कि बशर्तें भारत को अगस्त, 2019 के फैसले को खत्‍म करने के लिए क्या-क्या कदम उठाएगा यह बताना होगा। उन्‍होंने कहा कि दोनों देशों के बीच वार्ता की बहाली के लिए पाकिस्तान के लिए यह स्वीकार्य होगा। इमरान ने एक बार फ‍िर भारत के इस फैसले को अंतरराष्‍ट्रीय कानून और संयुक्‍त सुरक्षा परिषद के नियमों का उल्‍लंघन बताया। हालांकि, शुरू से पाकिस्‍तान की इस दलील को खारित करता है। भारत का कहना है कि यह उसका आंतरिक मामला है। इसमें क‍िसी देश को हस्‍तक्षेप करने का हक नहीं है।

पाकिस्तान के विदेश मंत्री महमूद क़ुरैशी ने कहा- मेरा ख़ून खौल रहा है

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पाकिस्तान के ख़िलाफ़ अफ़ग़ानिस्तान के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार हमदुल्लाह मोहिब की टिप्पणियों के जवाब में इमरान ख़ान हुकूमत के विदेश मंत्री शाह महमूद क़ुरैशी ने शनिवार को कहा कि उन्हें अपनी भाषा में सुधार लाना चाहिए.

पाकिस्तानी मीडिया के मुताबिक़ मुल्तान में राजनीतिक कार्यकर्ताओं की एक सभा को संबोधित करते हुए शाह महमूद क़ुरैशी ने कहा, “अफ़ग़ानिस्तान के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार कान खोलकर मेरी बात सुन लो….”

“अगर तुम ऐसी जुबान का इस्तेमाल करने से बाज़ नहीं आए या पाकिस्तान पर जो इलज़ाम तुम लगा रहे हो, जो तुम कर रहे हो, तो पाकिस्तान के विदेश मंत्री की हैसियत से मैं कह रहा हूँ कि कोई पाकिस्तानी न तुम से हाथ मिलाएगा और न ही तुम से बात करेगा.”

शाह महमूद क़ुरैशी ने कहा कि पाकिस्तान ने चरमपंथ की वजह से जान-माल की बड़ी क़ीमत चुकाई है. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान इस इलाक़े में केवल शांति और स्थिरता चाहता है.

नखास मार्केट में लगी आग से नुकसान का मावज़ा दे जिला प्रशासन: मौलाना यासूब अब्बास

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लखनऊ :ऑल इंडिया शिया पर्सनल लॉ बोर्ड के सिर्केटरी एवं प्रवक्ता मौलाना यासूब अब्बास ने आज कोतवाली चौक नक्खास मार्केट में लगी आग से नुकसान का जायज़ा लेने पहुंचे ।
जहां उनको समस्त दुकानदारों और पटरी दुकानदारों ने भावुक होकर लगी आग से नुक़सान के बारे में बताया ।
कुछ दुकानदारों ने कहा कि हम पहले से ही लॉकडाउन की मार झेल रहे थे। अब इस आग से हम सब पूरी तरह बर्बाद हो चुके है। इस मौके पर मौलाना यासूब अब्बास ने समस्त दुकानदारों,पटरी दुकानदारों की ओर से जिला प्रशासन से मांग की है कि इन दुकानदारों, पटरी दुकानदारों को मावज़ा दिया जाए।
ताकि लॉकडाउन समाप्त होने के बाद दुकानदार एवं पटरी दुकानदार मेहनत करके अपना व अपने परिवार का पालन पोषण कर सकें।

नये पेड़ पौधों को लगाने के साथ-साथ पुराने पेड़ों की कटाई बंद करनी चाहिए। सैय्यद तक़वी

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हो गया पर्यावरण दिवस, खिंच गई फोटो, मना लिया गया उत्सव।
चलिए बहुत ही हर्षोल्लास के साथ पूरे भारत में पर्यावरण दिवस मना लिया गया लोगों ने खूब तस्वीरें खिंचवाई और कर्तव्यों को पूरा कर दिया। अगले साल याद आएगा कि पेड़ पौधों को भी लगाना है और जीवन को बचाना है। यही सच है।
विश्व पर्यावरण दिवस। एक खूबसूरत नाम। खूब शोर शराबा। रिकॉर्ड ही रिकॉर्ड। जगह जगह फोटोग्राफी, सोशल मीडिया पर धमाचौकड़ी, अखबारों में सुर्खियां। बस यही है पर्यावरण दिवस।
बढ़ती गर्मी, गिरता जल स्तर, चटखती ज़मीन, परेशान इंसान यही सब कुछ हर तरफ़ दिखाई दे रहा है। इसके पीछे कारण सबको मालूम है मगर एहसास नहीं है।
पर्यावरण और स्वच्छता के स्तर में गिरावट के पीछे पेड़ों की अंधाधुंध कटाई एक अहम कारण है। धरती पर बेशुमार पेड़ है, लेकिन लोग अपनी सुविधा और फायदे के लिए इन्हें जमकर काट रहे हैं। आज हालत यह हो गई है कि जंगल खत्म होने से कई इलाके बंजर हो गए हैं। पर्यावरण दिवस के अवसर पर हमें जानना होगा कि आज जंगल और पेड़ों के क्या हालात हैं। और अब तो रही सही कसर वातावरण से ऑक्सीजन को भी खींचा जा रहा है।
विज्ञान पर आधारित विश्व विख्यात मैगजीन नेचर ने सितंबर 2015 में एक रिपोर्ट जारी की थी जो जंगल और पेड़ों के वर्तमान हालात पर आधारित है।
– दुनियाभर में 3 ट्रिलियन यानी 3,040,000,000,000 (एक लाख करोड़) पेड़ हैं।
– हर साल 15.3 अरब पेड़ काटे जा रहे हैं. इस तरह से 2 पेड़ प्रति व्यक्ति से भी ज्यादा का नुकसान हो रहा है।
– वैज्ञानिकों के अनुसार मानव सभ्यता की शुरुआत (करीब 12 हजार साल पहले) के समय धरती पर जितने पेड़ थे, उसमें आज की तारीख में 46 फीसदी की कमी आई है। यह चिंताजनक बात है।
*भारत के लिहाज से बात करें तो देश में प्रति व्यक्ति सिर्फ 28 पेड़ ही आते हैं। भारत में पेड़ों की संख्या करीब 35 अरब है। जबकि चीन में 139 अरब पेड़ हैं और प्रति व्यक्ति के लिहाज से 102 पेड़ आते हैं।
*वैश्विक स्तर पर देखा जाए तो सबसे ज्यादा पेड़ रूस में है जहां 641 अरब पेड़ हैं तो इसके बाद कनाड़ा, ब्राजील और अमेरिका का नंबर आता है जहां क्रमशः 318, 301 और 228 अरब पेड़ हैं।
*प्रति हेक्टेयर के हिसाब से सबसे घने पेड़ उत्तरी अमेरिका, स्कैंडेनविया और रूस में हैं। इन इलाकों में करीब 750 बिलियन पेड़ (750,000,000,000) हैं जो वैश्विक स्तर का करीब 24 फीसदी है।
*दुनिया के जमीनी क्षेत्र में करीब 31 फीसदी क्षेत्र जंगलों के घिरे हुए हैं, लेकिन इनमें तेजी से गिरावट आती जा रही है. 1990 से 2016 के बीच दुनिया से 502,000 स्क्ववायर मील (13 लाख स्क्वायर किलोमीटर) जंगल क्षेत्र खत्म हो गए हैं।
*इंडिया स्टेट ऑफ फॉरेस्ट रिपोर्ट (आईएसएफआर) के अनुसार, 2017 में भारत में 708,273 स्क्वायर किलोमीटर यानी देश की कुल जमीन का 21.54% हिस्से पर ही जंगल हैं। जबकि सीआईए की वर्ल्ड फैक्ट बुक 2011 के अनुसार, दुनिया में 39,000,000 स्क्वायर किलोमीटर जमीन पर जंगल हैं।
*पेड़ों के लगातार कटाव से वन क्षेत्र लगातार खत्म होते जा रहे हैं। हम सलाना 1 करोड़ 87 लाख (1.87 मिलियन) एकड़ जंगल खोते जा रहे हैं यानी कि हर मिनट 27 फुटबॉल मैदान के बराबर जंगल नष्ट होते जा रहे हैं।
उक्त आंकड़े दिखाते हैं कि पेड़ों का कटना और जंगलों के खत्म होने का सिलसिला थम नहीं रहा है। अगर यही चलता रहा तो बहुत जल्द धरती का बड़ा हिस्सा बंजर हो जाएगा। जंगल खत्म हो गए तो करोड़ों लोगों की रोजी-रोटी छीन जाएगी। ऐसे में जरुरी है कि जंगल भी बचाए जाएं और धरती को हरा-भरा रखा जाए जिससे आने वाली पीढ़ियां भी खूबसूरत धरती को निहार सके।
कल पर्यावरण दिवस मनाया गया खूब तस्वीरें दिखाई दीं। मगर क्या हम वास्तविकता समझ रहे हैं। नहीं।
ज्यादा दूर जाने की जरूरत नहीं है सड़कों को चौड़ा करने के नाम पर अनगिनत पेड़ों को काट डाला गया। लेकिन क्या फिर नये पेड़ लगाए गए। मैं लखनऊ और आसपास की बात करता हूं। लखनऊ फैजाबाद रोड पर एक समय था जब लखनऊ से फैजाबाद तक दोनों तरफ घने पेड़ों की लाइन थी। पेड़ की शाखाओं का एक खूबसूरत दर दिखाई देता था। मगर आज सड़कें खुली और चटियल मैदान की तरह है मुसाफ़िर अगर कहीं साये में रूकना चाहे तो साया मिलना मुश्किल है। लखनऊ सीतापुर रोड खुली सड़क पेड़ गायब। यह क्या है इससे पर्यावरण की रक्षा नहीं हो सकती। तापमान बढ़ता जायेगा। हर तरफ़ गगनचुंबी इमारतें खड़ी होती जा रही हैं।
सरकार और नागरिकों को इस विषय पर गहराई से विचार करने की जरूरत है। आज जरूरत है कि हर तरफ़ पेड़ लगाए जायें। शहरों के अन्दर सड़क के दोनों तरफ पेड़ लगाने की जरूरत है ताकि साया रहे और तापमान कम हो। ठंडक बनी रहे। एक दो जगहों पर जहां पेड़ हैं वहां का तापमान ठंडा रहता है। हर घर के सामने दो पेड़ों का लगाना आवश्यक कर देना चाहिए अन्यथा घर का असेसमेंट रद्द कर देना चाहिए। हाईवे पर दोनों तरफ पेड़ों का लगाना बहुत जरूरी है। अन्यथा आने वाली नस्लों का जीना मुश्किल हो जाएगा।
मेरा सरकार, वन विभाग एवं जिम्मेदार नागरिकों से अनुरोध है कि इस नेक काम के लिए आगे आयें और बहुमूल्य मानव जीवन को बचाने के लिए कदम उठाएं।
जय हिन्द।

सैय्यद एम अली तक़वी
शिक्षाविद एवं वरिष्ठ पत्रकार लखनऊ