तुर्की द्वारा बनाई जा रही सीरिया और ईरान की सीमा पर सैकड़ों किलोमीटर लंबी दीवारों का निर्माण पूरा होने के अंतिम चरण में है।
यूनान (ग्रीस) पहले ही तुर्की की सीमा पर इस तरह की दीवार बना चुका है, जिसपर अत्याधुनिक सुरक्षा उपकरण लगे हुए हैं।
इस तरह की दीवारों का निर्माण हाल के वर्षों में यूरोप में प्रवासियों के दाख़िल होने के प्रति विभिन्न देशों के रवैये की कठोरता को भी दर्शाता है।
तुर्की द्वारा बनाई जा रही इस दीवार से, तुर्की सरकार की “सिक्योरिटी फ़र्स्ट” की नीति झलकती है, वो नीति जिसके तहत वो अपनी सीमाओं से परे जाकर कुर्द लड़ाकों के ख़िलाफ़ कार्रवाई करता है।