*खगोल शास्त्र Astronomical Sciences के मुताबिक़ इस साल यनि 2020 ई में रमज़ानुल मुबारक की पहली तारीख 25 अप्रेल 2020 को होगी और ईदुल फ़ित्र इंशालाह 25 मई 2020 को होगी यानि 30 रोज़े होंगे । आज से तक़रीबन 25 साल पहले हकीम ए उम्मत मौलाना कल्बे सादिक़ साहब ने ये एलान करना शुरू किया था और आज उनके ज़रिए जलाई गई शमा पूरी तरह रौशन हो चुकी है और बहुत से पढ़े लिखे संजीदा लोग उन वेबसाइट्स से रुजू करते हैं जो पहले ही डेट बता देती हैं यहां तक कि नजफ़ ए अशरफ में आयतुल्लाह सय्यद अली सीस्तानी साहब का दफ़्तर भी इन वेबसाइट्स से फ़ायदा उठा कर एलान करने में मदद लेता है जो दफ्तर की वेबसाइट्स पर आसानी से देखा जा सकता है । उस ज़माने में जब डॉक्टर कल्बे सादिक़ साहब ने शुरुआत की थी एक नई चीज़ जान कर इसकी भारी मुख़ालिफ़त हुई थी मगर डा साहब ने बिना किसी को जवाब दिए एलान करने का सिलसला जारी रखा और आज बहुत बड़े वर्ग को इस एलान का इंतेज़ार रहता है । हालांकि डॉक्टर साहब ने हमेशा ये बात कही कि मुख़्तलिफ़ चांद कमेटियां चांद देखने के सिलसिले में आज़ाद हैं और उनके फ़ैसले को भी एहतिराम की नज़र से देखना चाहिये । मेरा मक़सद किसी किस्म का टकराव नहीं है बल्कि जदीद टेक्नालॉजी की मदद से चांद के सिलसिले में वक़्तन फ़ा वक़्तन होने वाले इख़्तेलफात को कम करना है जिससे दूसरी क़ौमों में ये मैसेज जाता है कि दुनिया चांद पर पहुंच गई और ये इसी बात पर अटके हुए हैं कि चांद हुआ या नहीं ? बहरहाल रमज़ानुल मुबारक की रहमतें और बरकतें सबको मुबारक*