घर से मस्जिद है बहुत दूर चलो यूँ कर ले ,
किसी रोते हुए बच्चे को हंसाया जाए।
मुझे नहीं पता यह किसका शेर है, लेकिन मेरे पिताजी हमें बचपन में यह सुनाया करते थे,
‘शाबू ज़ैदी’।
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लखनऊ, जो गंगा-जमुना संस्कृति का जन्मस्थान है,
आज दुनिया भर में अपनी एकता और अखंडता के लिए प्रसिद्ध है।
इसकी मिसाल पेश करते हुए नवाबों ने लखनऊ का नाम लाखन पासी व भगवान राम के नाम से रामपुर,
माता सीता के नाम से सीतापुर रखा,
यहाँ हिंदू-मुसलमान ने मिलकर ब्रिटिश हुकूमत को कई बार उखाड़ फेंकने का काम किया और देश की आजादी के लिए साथ में शहादत पेश की,
या शहर जितना शहीद राम प्रसाद बिस्मिल के नाम से जाना जाता है,
उतना ही शाहिद अशफ़ाकउल्ला के नाम से भी जाना जाता है,
यहाँ मुसलमानों ने सनातन धर्म की आस्था को गहराई से समझते हुए, मंदिर बनवाए, जमीन दान की, बड़े मंगल और जागरण के आयोजन किए, और यहाँ तक कि श्रमदान भी किया।
हमारे सनातन भाइयों ने मस्जिद-ए-इमामबाड़ा का निर्माण कराया, जो आज भी अपनी जगह पर मौजूद है और हिंदू-मुस्लिम एकता की मिसाल पेश कर रहा है।
आज भी सनातन भाई हमारे साथ मिलकर मुहर्रम के दौरान पैगंबर मोहम्मद के नाती की शहादत का ताजिया रखकर गम बनाते हैं और नंगे पैर कर्बला तक जाते हैं।
कुछ राजनेता और सोशल मीडिया धार्मिक द्वेष फैलाने की कोशिश कर रहे हैं,
लेकिन वे असफल होंगे।
हम अपने बुजुर्गों के सिद्धांतों पर कायम हैं।
मैं उन लोगों से पूछता हूँ,
जो नफरत फैलाते हैं,
क्या यह पहली बार है कि रमजान के महीने में होली पढ़ने जा रही है ?
क्या ऐसा पहले कभी नहीं हुआ है ?
हमने हमेशा अपने भाइयों के त्योहारों में भाग लिया है,
उनसे गले मिले हैं, अपने बुजुर्गों से आशीर्वाद लिया है, और अपने छोटों को दुआएं दी हैं।
आज, रमजान के महीने में जुम्मे के दिन हम रंगों से होली खेलेंगे, फिर स्नान करेंगे,
जिला प्रशासन की निर्धारित समय पर जुम्मे की नमाज पढ़ने निकलेंगे।
अगर कोई बच्चा अनजाने में रंग डाल देता है,
तो हम उसे गले लगाकर आशीर्वाद देंगे और नमाज पढ़ने चले जाएंगे।
क्योंकि रंग डालने से रोजा नहीं टूटता,
लेकिन किसी का दिल तोड़ने से रोजे का महत्व कम हो जाता है। और जो लोग भूखे प्यासे तीर और तलवार के बीच में खून बहेते नमाज अदा कर के चले गए, और हम थोड़े से गुलाल से रंग से परहेज कर रहे हैं
इस्लाम हमें शांति और धैर्य बनाए रखने की सिखाता है,
और अल्लाह उन लोगों के साथ है जो शांति के लिए धैर्य रखें




