19 रमज़ार 12 अप्रैल 2023
कार्यालय आयतुल्लाह अल उज़मा सैय्यद सादिक़ हुसैनी शीराज़ी से जारी हेल्प लाइन पर नीचे दिए गये प्रश्नो के उत्तर मौलाना सैयद सैफ अब्बास नक़वी एवं उलेमा के पैनल ने दिए-
लोगों की सुविधा के लिए ‘‘शिया हेल्पलाइन’’ कई वर्षों से धर्म की सेवा कर रही है, इसलिए जिन मुमेनीन को उनके रोज़ा, नमाज़ या किसी अन्य धार्मिक समस्या के बारे में संदेह है, तो वह तमाम मराजए के मुकल्लेदीन के मसाएले शरिया को जानने के लिए सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे आप इन नंबरों 9415580936, 9839097407 पर तक संपर्क कर सकते हैं। एवं ईमेलः उंेंम स786/हउंपसण्बवउ पर संपर्क करें।
नोट- महिलाओं के लिए हेल्प लाइन शुरू की गयी है जिस मे महिलाओं के प्रश्नों के उत्तर खातून आलेमा देेगीं इस लिए महिलाओं इस न0 पर संपर्क करें। न0 6386897124
प्रश्न-एतेकाफ के दौरान खुश्बू लगाई जा सकती है ?
उत्तर: एतेकाफ के दौरान खुश्बू लगाना , फूल सुघना हराम है।
प्रश्न- शबे कद्र से हज का लगाव क्या है ?
उत्तर: ईष्वर शबे कद्र में अपने बन्दो के लिए हज का फैसला करता है कि किस बन्दे के मुकद्दर में हज करना लिखा है। इस लिए रमज़ान की दुआओं मे एक दुआ यह भी है कि मुजे हज नसीब फरमा।
प्रश्न- क्या खुम्स का पैसा सहमे इमाम इंसान खुद अपनी मर्जी से किसी जगह जैसे मस्जिद या मदरसा मे दे सकता है
उत्तर- सहमे इमाम का पैसा को मराजे के दफतर तक पहुचाना चाहिए या ऐसे व्यक्ति को दिया जाए जिनके पास सहमे इमाम खर्च करने का मराजे ने इजाज़त दे रख्खी हो और माराजे के दफतर से रसीद देते हो।
प्रश्न- क्या मस्जिद में बनाये गये तहखाने का हुक्म भी मस्जिद का हुक्म रखता है और इसमें नमाज का सवाब वही मस्जिद के सवाब के बराबर है ?
उत्तर: मस्जिद की छत,तहखाना वगैरा सबकी गिनती मस्जिद में होगी लेहाजा तमाम जगह का सवाब वही होगा जो मस्जिद में नमाज पढ़ने का है।
प्रश्न- अगर कोई व्यक्ति बिमार है और ज़ोहर से पहले ठीक हो जाए तो क्या रोज़ा रख सकता है ?
उत्तर: अगर उस व्यक्ति ने कोई ऐसा कार्य नही दिया है कि जिससे रोज़ा टूट जाता है तो वह नियत करके रोज़ा रख सकता है।





