पैगंबरे इस्लाम हज़रत मोहम्मद मुस्तफा स० के नवासे हज़रत इमाम हुसैन अ0 की यौमे विलादत तीन दिनाक 24 फरवरी 2023 तीन शाबान की शब पर एलडीए मार्केट नख़्ख़ास में जश्ने विलादत ए इमामे हुसैन अलेही सलाम आयोजित की गई. आज का प्रोग्राम ऑल इंडिया मोहम्मदी मिशन व सदाए सूफियाए हिन्द के नेतृत्व में हुआ.
इस कार्यक्रम की सरपरस्ती आल इण्डिया मोहम्मदी मिशन के संस्थापक व राष्ट्रीय अध्यक्ष हज़रत सैय्यद अय्यूब अशरफ व अध्यक्षता मिशन के कोषाध्यक्ष हज़रत सैय्यद याकूब अशरफ ने की जश्न की कयादत करते हुए सदाए सूफियाए हिंद के राष्ट्रीय अध्यक्ष हज़रत सैय्यद बाबर अशरफ ने कहा कि भारत के राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने जब देश को ब्रिटिश हुकूमत के कब्जे में देखा तो उन्होंने आजाद कराने के लिए कई महापुरुषों के जीवन पर अध्ययन किया तब उन्हें कर्बला के मैदान में सच्चाई और अहिंसा का पैगाम देने वाले हज़रत इमाम हुसैन जैसे किरदार मिला, जिनसे उन्होंने सबक लिया और अंग्रेजों के खिलाफ उसी अहिंसा के रास्ते पर चलते हुए देश को आजाद कराया। गांधी जी ने देश के सभी लोगों को बताया मैंने अहिंसा का पाठ हज़रत इमाम हुसैन से सीखा है। उन्होंने कहा कि हमें इमाम हुसैन की जिंदगी से हमेशा प्रेरणा लेनी चाहिए, क्योंकि हज़रत इमाम हुसैन ने अपना सर कटा दिया, लेकिन बातिल के सामने सर को नहीं झुकाया. जब हम उनकी किरदार पर गौर करेंगे तो हम देखेंगे कि मेरे हुसैन ने दुनिया को सब्र, अहिंसा, और इंसानियत का सबक़ दिया है. हमें भी उनके किरादार को अपनी जिंदगी में उतारने की कोशिश करनी चाहिए और सच्चा हुसैनी वही है, जो भूखों को खाना खिलाए, पड़ोसियों का ख्याल रखे, मां-बाप की सेवा करे और इंसानियत का अलमबरदार हो।
मिशन के अध्यक्ष हज़रत सैय्यद अय्यूब अशरफ ने कहा कि देश में फैली नफरत को भी हुसैनी किरदार से ही खत्म किया जा सकता है. जहां प्रेम, सद्भाव और आपसी भाईचारा है. जो हमारे जम्हूरी मुल्क की एक पहचान है। आज के जश्ने विलादत ए इमामे हुसैन का
संचालन मौलाना आज़म अली कादरी ने किया। जश्न की शुरुआत हाफिज सैय्यद अफज़ल अशरफ ने तिलावत ए कुर्आन ए पाक से की। कारी गुलाबुद्दीन, कारी मुईनउद्दीन, कारी जहॉगीर गोण्डवी, हाफिज इत्तेफाक खान हबीबी, हाफिज सैय्यद अफज़ाल अशरफ, सैयद अली हैदर, कारी शर्फुद्दीन, सैय्यद मोहम्मद, सैय्यद गुलाम हुसैन, सैय्यद फाज़िल मासूदी, सैय्यद मोहम्मद अहमद मियाँ मोहम्मद इमरान ने मौला इमाम हुसैन की शान में नातो मंकबत का नज़राने अकिदत पेश किए.
इस कार्यक्रम के मुख्य वक्ता औलादे गौसे आज़म जानशीन ए मख्दूम ए सिमना हज़रत सैय्यद अदनान अशरफ अशरफी अल जिलानी किछौछवी ने इमाम हुसैन के जीवन पर रोशनी डाली. उन्होंने बताया कि हुसैन ने हुज़ूर के मिशन को आगे बढ़ाया अपनी कुर्बानी देकर इस्लाम को बचाया रखा, इसलिए हज़रत इमाम हुसैन एक इंकलाब का नाम है।
मौलाना इश्तियाक अहमद कादरी नाज़िमे आला तालिम दारूल उलूम शेखूल आलम ने दीन की कीमती बातों से लोगों को अवगत कराया. उन्होंने कहा कि बच्चे दुनियावी तालीम हासिल करने के लिए स्कूल जरूर जाएं लेकिन सुबह या शाम एक घंटे कुरान व हदीस की शिक्षा भी जरूर लें. दीनी तालीम से बच्चे दीन और दुनिया की सही पहचान कर सकेंगे। अल्लाह की इबादत से बुरे कामों से बचेगा। क्योंकि दुनिया के साथ आखिरत में कामयाबी के लिए नेक होना जरूरी है।
वही मुहम्मदी मिशन के कोषाध्यक्ष हज़रत सैय्यद याकूब अशरफ़ ने कहा कि इमाम हुसैन जुल्म, जिनाकारी, नशाखोरी के खिलाफ व हक़ पर हमेशा रहे, दुनिया को इंसानियत का पाठ पढ़ाया हज़रत मोहम्मद मुस्तफा ने फरमाया हुसैन मुझसे है और मै हुसैन से हूँ इमाम हुसैन जन्नत मे नौजवानो के सरदार है। हमारे नबी इमाम हुसैन से इतनी मोहब्बत करते थे कि नमाज़ पढ़ते वक्त हुसैन उनके कंधो पर चढ़ जाते थे और आक़ा हुज़ूर सरकार मुस्कुरा देते थे। उन्होंने ने कहा
इमाम हुसैन की जिन्दगी और उनके बताये हुये रास्ते पर चले व गरीब बच्चों को शिक्षा दिलाने के लिए उचित कदम उठाए। इमाम हुसैन हक़ और सच के लिये शहीद हुये जो पूरी दुनिया के लिए हमेशा मिसाल बनी रहेगी। ऑल इंडिया मोहम्मदी मिशन यूथ अध्यक्ष ह़जरत सैय्यद मोहम्मद अहमद मियाँ ने कहा इंशाअल्लाह विलादत इमाम हुसैन की खुशी मे 26 फरवरी 2023 रविवार सुबह 10 बजे से 5 बजे तक तीसरा नि:शुल्क मेडिकल कैम्प मख्दूम अशरफ अरबिक स्कूल आर्दश नगर बालागंज मे लगेगा जिसमे एरा मेडिकल कालेज के विशेषज्ञों द्वारा मरीजों का इलाज किया जाएगा।
इस मौके पर वरिष्ठ पत्रकार आज़िज़ सिद्दीकी, मोहम्मद परवेज़, नोशाद बेलगरामी, फरज़न्द सैय्यद इकबाल हाशमी, अबुबकर, अब्दुल रहमान, मोहम्मद अनीस, कमालुद्दीन, मिडिया बन्धु के साथ अधिक संख्या मे आशिकाने अहले बैत व आईमाए मसाजिद शामिल हुए जश्न के आखिर मे हाजी जलालुद्दीन की इसाले सवाब की महफिल के साथ आए हुए लोगो और मुल्क के लिए दुआ हुई।





