सीएम योगी ने दी राहत, यूपी में दो लाख रोजगार देने की राह आसान

Spread the love

लखनऊ 15 मई 2020 केंद्र से आर्थिक पैकेज की घोषणा के 24 घंटे के भीतर ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों (एमएसएमई सेक्टर) के 56,754 उद्यमियों को 2002 करोड़ रुपये के ऋण बांटे। लॉकडाउन की अवधि में इतनी बड़ी धनराशि का लोन बांटने वाला उत्तर प्रदेश पहला राज्य है। यह कर्ज मिलने से दो लाख लोगों के लिए रोजगार की राह खुलेगी।

मुख्यमंत्री ने गुरुवार को रोजगार संगम ऑनलाइन कर्ज मेले का शुभारंभ किया। उन्होंने एक क्लिक पर इतनी बड़ी राशि का कर्ज देने की योजना शुरू की। मुख्यमंत्री ने इस मौके पर कहा कि कामगारों व श्रमिकों को मजबूत बनाकर यूपी की ताकत बनाएंगे। यह हमारे लिए पलायन का कलंक हटाने का भी बड़ा अवसर है। इसीलिए कामगारों व श्रमिकों का कौशल बढ़ाकर उनकी मदद की जाएगी।

सीएम ने कहा आज पूरी दुनिया के लोग चीन से पलायन कर रहे हैं। पूरी दुनिया जिस वैश्विक महामारी को झेल रही है, प्रत्येक व्यक्ति देख रहा है कि इसके पीछे कहीं न कहीं चीन है। मुख्यमंत्री ने कहा,जब अयोध्या में पहला दीपोत्सव कार्यक्रम किया था तो 51,000 दीप प्रज्ज्वलित किए गए थे। तब हमें मिट्टी के दीपक पूरे उत्तर प्रदेश में ढूंढने पड़े थे, हमें 51,000 दीपक मिल पाए थे। इन स्थितियों में दीपावली के अवसर पर गौरी-गणेश की प्रतिमाएं चीन से क्यों आएंगी? क्या गोरखपुर का टेराकोटा इसकी आपूर्ति नहीं कर सकता? हम उन्हें डिजाइन देंगे और उसके अनुसार वे उत्पाद तैयार करेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि चीन से बेहतर प्रोडक्ट देने की क्षमता उत्तर प्रदेश के पास है। गोरखपुर के टेराकोटा को जीआई प्रोडक्ट में शामिल किया गया है। उसे बौद्धिक सम्पदा का अधिकार प्राप्त होने के बाद वैश्विक मान्यता प्राप्त होगी। दुनिया भर में जो बांसुरी बजती है वह उ.प्र. के पीलीभीत में बनती है और ढोलक अमरोहा में बनती है। हमारे पास उसे पहचानने की ताकत होनी चाहिए। हम इन्हें नए सिरे से आगे बढ़ाकर प्रोत्साहित करें तो यह बहुत बड़ा कार्य होगा। ऐसी तमाम संभावनाएं उत्तर प्रदेश के अंदर मौजूद हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हम लोग कुम्हारों को निःशुल्क मिट्टी उपलब्ध करा रहे थे। वे उससे मिट्टी के दीपक या अन्य उत्पाद बना रहे थे। साथ ही वे गांव के तालाब की मिट्टी निकालकर लाते थे तो वह तालाब फिर से जल संरक्षण के लिए तैयार होता था। सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग (एमएसएमई) विभाग व एसएलबीसी से जुड़े सभी पदाधिकारियों और बैंकर्स कमेटी से जुड़े सभी महाप्रबंधकों से हमारा अनुरोध है कि उत्तर प्रदेश का एमएसएमई सेक्टर इसके सबसे बड़े हिस्से को लेकर लाभान्वित हो। बुधवार को इतना भारी भरकम पैकेज घोषित हुआ है तो उसका सबसे बड़ा हिस्सा उत्तर प्रदेश में आना चाहिए। यह उत्तर प्रदेश के लिए एक अवसर है। एक-एक करके उत्तर प्रदेश के प्रत्येक उत्पाद को इसी प्रकार बौद्धिक सम्पदा के दायरे में लाकर हम लोगों को प्रोत्साहित करने का प्रयास कर रहे हैं और उत्पादों को वैश्विक मान्यता दिलाने की कोशिश कर रहे हैं।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button